gangaनयी दिल्ली,  राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने गंगा के उद्गम स्थल गोमुख से हरिद्वार तक प्लास्टिक के इस्तेमाल पर अगले साल एक फरवरी से पूरी तरह से रोक लगाने का आज आदेश दिया।

न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि नदी में किसी भी रूप में प्लास्टिक का कचरा नहीं डाला जायेगा और नदी के तट के आसपास के इलाकों में प्लास्टिक की थैलियों का भी इस्तेमाल नहीं किया जायेगा। खंडपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा कि अगर औद्योगिक इकाइ्रयां अगर गंगा को प्रदूषित करने के लिए जिम्मेदार पायी गयीं तो एेसी इकाईयों को बंद कर दिया जायेगा।

न्यायाधिकरण के आदेश का उल्लंघन करने वालों पर 5000 रुपए के दंड का भी प्रावधान रखा है।

इससे पहले एनजीटी ने गंगा की सहायक नदी रामगंगा के उद्गम स्थल और संगम स्थल से पानी के नमूने लेने का आदेश दिया था। एनजीटी ने रामगंगा में प्रदूषण के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को भी फटकार लगायी थी।