19nn3भोपाल,19 जुलाई,नभासं. ऊर्जा एवं जनसम्पर्क मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि भारत के प्राचीनकाल के वैभव को लौटाने एवं स्वस्थ एवं सुखी समाज के निर्माण के लिये मीडिया को सकारात्मकता को प्राथमिकता देना होगी.

मीडिया समाज को तेजी से प्रभावित करता है. इस वजह से मीडिया की समाज के प्रति ज्यादा जिम्मेदारी हो जाती है. वह प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय मीडिया महा-सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. सम्मेलन का विषय स्वस्थ एवं सुखी समाज के निर्माण में मीडिया की भूमिका था. शुक्ल ने कहा कि 21 जून को अंतर्राष्ट्र्रीय योग दिवस पर दुनिया के अनेक देश ने भारत की प्राचीन परम्परा योग को अपनाकर भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है.

सजग प्रहरी बने
लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की चौथे स्तंभ के रूप में मान्यता होने की चर्चा करते हुए शुक्ल ने कहा कि समाज में मीडिया सजग प्रहरी की भूमिका का निर्वहन करता है. सृजनशीलता एवं सकारात्मक समाचारों से समाज पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा और देश में स्वस्थ एवं सुखी समाज का निर्माण होगा.
उन्होंने कहा कि हाल ही के वर्षों में मध्यप्रदेश में कृषि, बिजली, स्वास्थ्य, सड़क एवं अन्य अधोसंरचना कार्यों में राज्य सरकार ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. इससे मध्यप्रदेश की सारे देश में तेजी से उभरते राज्य के रूप में पहचान बनी है. उन्होंने दुष्प्रचार करने वालों से मुकाबला करने के लिये मीडिया से समाज में सही वस्तु-स्थिति पहुँचाने का भी आग्रह किया.

मीडिया व प्रतिपक्ष की भूमिका अलग
महासम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित ब्रॉडकास्टर एडीटर एसोसिएशन, नई दिल्ली के सचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार एन.के. सिंह ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं में प्रतिपक्ष और मीडिया की अलग भूमिका रही है. मीडिया सत्ता को उनकी कमजोरियों से वाकिफ कराने का सतत कार्य करता है. उन्होंने कहा कि आने वाले 5 वर्ष में भारत का मीडिया और मजबूत होगा तथा दुनियाभर का मीडिया भारत के मीडिया का अनुसरण करेगा. उन्होंने कहा कि भारत का मीडिया सेल्फ रेगुलेट होता है, जबकि यूरोप में मीडिया कांटेक्ट बेस है.

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