modi3जेनेवा,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि भारत वैश्विक मानकों के अनुरूप विनिर्माण करना चाहता है और इसके लिए स्विट्जरलैंड का कौशल विकास मॉडल बहुत प्रासंगिक है।

श्री मोदी ने यहाँ स्विट्जरलैंड की प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के गोलमेज सम्मेलन में अपने संबोधन में उन्हें भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित करते हुये कहा, “भारत में दो-तीन स्विट्जरलैंड बनाने की जरूरत है। इसके मद्देनजर कौशल विकास के क्षेत्र में भागीदारी की अपार संभावनाएँ हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ 1.25 अरब लोगों का बाजार ही नहीं है बल्कि वहाँ कौशल है और एक ऐसी सरकार है जो कारोबार समर्थक है। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध स्विस घड़ी उद्योग का उल्लेख करते हुये कहा कि स्विट्जरलैंड की घड़ियों में जो हीरे लगे होते हैं वे गुजरात से आते हैं। इस लिहाज से स्विट्जरलैंड के उद्यमियों की चिंताओं से भारत पूरी तरह अवगत है।

इस सम्मेलन में असिया ब्राउन बोवेरी,लाफार्ज, नोवार्टिस, नेस्ले, रीटर और रॉच जैसी स्विटजरलैंड की बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सीईओ उपस्थित थे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्विट किया कि यह गोलमेज सम्मेलन स्विस में उपलब्ध संभावनाओं और भारतीय अवसरों के बीच तालमेल पर आधारित था।

पाँच राष्ट्रों की यात्रा के दौरान श्री मोदी कल रात यहाँ पहुंचे थे।

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