18as36भोपाल,18 फरवरी,नभासं. सरकारी कर्मचारी और अधिकारी बुधवार को हउ़ताल पर रहे जिससे प्रदेश भर के तमाम सरकारी द तरों में सन्नाटा पसरा रहा.आए दिन लारा कर्मचारियों को अधिकारियों के साथ हो रहे दुव्र्यवहार से परेशान कर्मचारी और अधिकारी ने संयुक्त मोर्चा बनाकर कर्मचारी अधिकारी एक दिन की हड़ताल पर गए . सभी कर्मचारी संगठनों की मांग है कि राज्य सरकार उनके लिए प्रोटेक्शन एक्ट लागू कर उन्हें नेताओं और कार्यकर्ताओं के दुव्र्यवहार से बचाए.
हालांकि इस हड़ताल से अतिआवश्यकताओं सेवाओं स्कूल व अस्पताल को मुक्त रखा गया. राज्य प्रशासनिक सेवा संघ और असर के आव्हान पर प्रदेश के कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहे. प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालय चाहे वह जिला मुख्यालयों पर स्थित हो या फिर तहसील मुख्यालयों पर सभी जगह दफतर तो खुले लेकिन कर्मचारी नदारद रहे. जिला मुख्यालयों के साथ ही राजधानी में भी इसका व्यापक असर देखने को मिला. हजारों की संख्या में कर्मचारियों के शटडाउन के कारण राजधानी के विभिन्न दफतरों में सन्नाटा पसरा रहा और कामकाज पूरी तरह से ठप्प रहा.

हुई सभा-शटडाउन के कारण कलेक्टोरेट, एमपी नगर स्थित एसडीएम दफ्तर, बारह दफ्तर स्थित नजूल दफ्तर में सन्नाटा पसरा रहा. राज्य प्रशासनिक सेवा संघ सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों लारा प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग को लेकर हुई इस हड़ताल का असर राजस्व विभाग से जुड़ी सेवाओं पर सबसे ज्यादा देखा गया. हड़ताल के वक्त जिला पंचायत के समीप हुई सभा को अधिकारी व कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने संबोधित किया.

इस दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने खुद को प्रदेश का मूल निवासी बताया उन्होंने कहा कि यह उनका प्रदेश है वह यहीं के रहने वाले हैं, न कि कोई आईएएस या आईपीएस अधिकारी हैं. काफी समय से राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों कनिष्ठ राज्य सेवा के अधिकारियों व सरकारी कर्मचारियों के साथ सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ता दुव्र्यवहार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब स्वाभिमान के साथ जीना चाहते हैं. यदि उनके साथ ऐसा व्यवहार होता है तो वह उसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे.

ये संगठन रहे शरीक-कनिष्ठ अधिकारी संघ, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, नगर निगम, शिक्षक संघ, मंत्रालय कर्मचारी, पटवारी संघ आदि शामिल हैं.
राजधानी में स्वाभिमान रक्षा की शपथ लेने पहुंचने वालों में राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष इंजीनियर अशोक शर्मा, मप्र राÓय कर्मचारी संघ प्रदेशाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, महामंत्री रमेश शर्मा, प्रशासनिक सेवा संघ के प्रदेशाध्यक्ष जीपी माली, महामंत्री दीपक सक्सेना, मप्र तृतीय वर्ग शास ीय कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष अरुण लिवेदी, संरक्षक एलएन कैलाशिया, लघु वेतन कर्मचारी संघ के महेन्द्र शर्मा, निगम मंडल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव नीलू सहित अन्य कर्मचारी संगठनों नेताओं ने कर्मचारियों को संबोधित किया.

इन सेवाओं पर पड़ा असर – कर्मचारियों के शटडाउन आंदोलन के कारण जहां कलेक्टोरेट में जहां नामांतरण, सीमांकन, बंटवारे और एनओसी संबंधी काम, रजिस्ट्रार कार्यालय और संबंधित कार्य, बीडीए से जुड़े प्रापर्टी काम के काम.

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