malyaनई दिल्ली,  विजय माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस पर बकाया कर्ज की रिकवरी करने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित किंगफिशर हाउस की नीलामी में किसी ने बोली नहीं लगाई. एसबीआई ने इसके लिए ऑनलाइन नीलामी शुरू की थी, जिसके लिए कोई बोली नहीं मिली. मुंबई के विले पार्ले स्थित इस 17,000 वर्ग फुट के बंगले की बोली एसबीआईकैप्स ट्रस्ट की ओर से आयोजित की गई थी.

बैंक ने की ई-नीलामी : माल्या के किंगफिशर हाउस की ई-नीलामी की गई. बैंक ने इस संपत्ति की आधार कीमत 150 रुपये रखी थी. किंगफिशर एयरलाइंस पर 17 बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपये बकाया है.

बैंकों का कब्जा : एसबीआई के नेतृत्व में बैंकों ने किंगफिशर के खिलाफ मुंबई की स्थानीय अदालत में केस जीता है. फरवरी 2015 से ही करीब 150 करोड़ के किंगफिशर हाउस पर बैंक का कब्जा था. इसके अलावा गोवा स्थित किंगफिशर विला पर भी बैंकों का कब्जा है, इसकी कीमत करीब 90 करोड़ रुपये तक आंकी जा रही है.

विजय माल्या पर बैंकों का करीब 9 हजार करोड़ रुपये का भारी कर्ज बकाया है, बैंकों की ओर से अब तक 1600 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है. बैंकों ने इक्विटी शेयर बेच कर यह वसूली की है. बैंक फिलहाल विजय माल्या को दिए कर्ज पर 15.5 फीसदी का ब्याज चार्ज किया है. जनवरी 2013 के बाद से ही माल्या की कंपनी की ओर से कर्ज की अदायगी नहीं की जा रही है.

किन बैंकों का कितना बकाया
किंगफिशर एयरलांइस पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का सबसे ज्यादा 1,600 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है. इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक और आईडीबीआई बैंक की 800-800 करोड़ रुपये की राशि है. बैंक ऑफ इंडिया के 650 करोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा के 550 करोड़, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 410 करोड़ और यूको बैंक के 320 करोड़ विजय माल्या पर बकाया हैं. इसके अलावा भी कई अन्य बैंकों का सैकड़ों करोड़ का कर्ज फंसा हुआ है.

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