भोपाल, (एनबीएन)

राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल हमीदिया बेहाल है. कभी चिकित्सक नहीं तो कभी सर्वर डाउन होने से पर्ची बनवाने कतार में खड़े सैकड़ों मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. करीब दो घंटे के लिये हुये सर्वर डाउन की वजह से बहुत सारे मरीजों को बिना पर्ची बनवाये इलाज के बगैर वापस लौटना पड़ा.

पिछले कुछ महीनों से कई प्रकार के बुखार एवं बीमारियों से लगभग आधा शहर जूझ रहा है. अस्पतालों में लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. ऐसे में हमीदिया में इलाज कराने पंजीयन के लिये पंद्रह सौ से दो हजार मरीज रोजाना कतारों में खड़े रहते हैं. इसको लेकर कुछ मरीजों से बात की गई.

उनमें से शाहजहांनाबाद के जुबेर खां ने बताया कि मुझे दो-तीन दिन से बुखार था इसलिये हमीदिया आया था, पर यहां 2 घंटे खड़े रहने के बाद भी पर्चा नहीं बन सका. इसलिये लौट रहा हूं. किसी प्राइवेट डॉक्टर को दिखाऊंगा.

इसके बाद बुधवारे के शमीम ने बताया कि दो घंटे से ज्यादा हो गये पर पर्चा न बनने के कारण इलाज नहीं हो सका. इसी तरह कई मरीजों ने अपनी-अपनी परेशानियां बताईं. अस्पताल का स्टाफ भी कुछ कहने में असमर्थ दिखाई दिया. सईद नगर निवासी एक महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुये कहा कि हम गरीबी में जीने वाले लोग हैं.

प्राइवेट इलाज कराने हमारे पास पैसे नहीं हैं. यहां इलाज मिला नहीं अब कहां जायें. ज्ञात हो कि वायरल, चिकनगुनिया, डेंगू आदि के सेम्पल अभी भी पॉजीटिव पाये जा रहे हैं.

पेट की बीमारी से परेशान करोंद के मांगीलाल ने बताया कि दो दिन पहले वह आया था तो डॉक्टर नहीं मिले. बुधवार को आया तो सर्वर डाउन है. उसका कहना है कि अब वह हमीदिया अस्पताल नहीं आयेगा. जैसे-तैसे निजी अस्पताल में इलाज करा लेगा.

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