04nn5भोपाल,4 मई. करूणा बुद्घ बिहार तुलसी नगर में भगवान गौतम बुद्घ की 2559वीं जयंती समारोह आयोजित किया गया. समारोह के प्रारंभ में भदन्त बी सूमन ,भदन्त मेघानंद ने तथागत भगवान गौतम बुत्र एवं बोधिसत्व डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर बुद्घ वंदना ली गई. इस मौके पर अतिथिगणों द्वारा तथागत भगवान बुद्घ एवं डॉ बाबा साहेब आम्बेडकर के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर वंदना की.

समारोह में मुख्य वक्ता प्रो. डॉ पीजे सुधाकर एडिशनल डायरेक्टर जनरल प्रेस इन्फारमेशन ब्योरों भारत सरकार भोपाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान बुद्घ ने भारत ही नही बल्कि पूरे विश्व को शांति, सन्मार्ग एवं बंधुत्व का मौल्यावान मार्ग दिया है. समारोह में उपस्थित अतिथि लखनलाल ने कहा कि इंसान में अहंकार जागृत होने से निश्चित ही वह पतन की ओर अग्रसर होता है. समारोह को संबोधित करते हुये विशेष अतिथ डॉ नारायण व्यास पुरातत्व विद कहां कि व्यक्ति में मोह माया का भाव नहीं होना चाहिये, क्योंकि मोह माया से ही दु:खों की उत्पत्ती होती है. समारोह में उपस्थित अतिथ टी गजभिये, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि बुद्घ का बताया गया मार्ग जनकल्याणकारी है. इस मार्ग पर चलकर इंसान स्वयं का ही नहीं बल्कि जन मानस का कन्याण का भी ीाागीदार बन सकता है. वहीं एक सुयुक्त तत्वावधान में बुत्र जयंती मनाई गई. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजेश खटीक ने कहा कि आज देश को विश्व शांति का संदेश देने वाले महाकारूणिक तथागत भगवान गौतम बुद्घ के विचारों की आवयश्यकता है. हमें युद्घ नहीं बुद्घ चाहिये. कार्यक्रम में अनिल गोलाईत, डॉ. जगदीश सूय्रवंशी, गौतम पाटिल आदि वक्ताओं निे कार्यक्रम में अपने विचार
व्यक्त किये.

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