indigoनयी दिल्ली,  इस साल जनवरी से मई के बीच में देश में हवाई यात्रा करने वालों की संख्या 22.87 प्रतिशत बढ़कर 396.04 लाख पर पहुंच गई। गत वर्ष पहले पांच महीने में यात्रियों की संख्या 322.32 प्रतिशत रही थी।
देश के तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र के लिए यह आंकड़ा काफी उत्साहजनक है।

पिछले वित्त वर्ष में इस क्षेत्र में 22 फीसदी की विकास दर रही थी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह ही नई उड्डयन नीति को मंजूरी दी है जिसमें पांच साल में देश में हवाई सफर करने वालों की संख्या मौजूदा आठ करोड़ सालाना से बढ़ाकर 30 करोड़ करने का लक्ष्य रखा है।

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा आज जारी अांकड़ों के अनुसार, पहले पांच महीने में सबसे ज्यादा 37.6 प्रतिशत यात्रियों ने इंडिगो को चुना। इसके बाद 17.3 प्रतिशत हिस्सेदारी जेट एयरवेज की तथा 15.5 प्रतिशत एयर इंडिया की रही।

घरेलू रूटों पर मई महीने में कुल 86.69 लाख यात्रियों ने हवाई सफर किये जो इस साल किसी अन्य महीने की तुलना में सबसे अधिक है। इसका प्रमुख कारण छुट्टियों के कारण लोगों की आवाजाही का बढ़ना रहा। अप्रैल की तुलना में सभी एयरलाइंसों के यात्रियों की संख्या में इजाफा देखा गया।

समय की पाबंदी के लिहाज से मई में एयर एशिया का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। उसकी 90.2 प्रतिशत उड़ानें समय पर रहीं। इसके बाद विस्तारा (85.1 प्रतिशत), इंडिगो (83.1 प्रतिशत), जेट एयरवेज एवं जेटलाइट (82.3 प्रतिशत), स्पाइसजेट (79.2 प्रतिशत), गो एयर (75.7 प्रतिशत) तथा एयर इंडिया (74.3 प्रतिशत) का स्थान रहा।

चार महानगरों दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद तथा बेंगलुरु में मुंबई में उड़ानें सबसे ज्यादा लेट हुईं।

मई में एयरलाइंसों के खिलाफ कुल 782 शिकायतें आईं। इनमें सबसे अधिक 303 शिकायतें एयर इंडिया के खिलाफ मिलीं। जेट एयरवेज एवं जेट लाइट के खिलाफ 218, इंडिगो के खिलाफ 109, गो एयर के खिलाफ 56 तथा स्पाइसजेट के खिलाफ 49 शिकायतें मिलीं। प्रति दस हजार यात्रियों के लिहाज से सबसे अधिक शिकायत एयर पिगैसस और उसके बाद एयर इंडिया तथा जेट एयरवेज एवं जेट लाइट के खिलाफ आईं।

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