singhviनयी दिल्ली,  कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड मामले में उच्च न्यायालय के आज के फैसले को त्रुटिपूर्ण बताते हुए इसे ऊपरी अदालत में चुनौती देने का फैसला किया है।

पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने आज यहां संवाददाताओं से कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा इस मामले में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को व्यक्तिगत पेशी से छूट देने से इन्कार करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इसका कोई कानूनी आधार नहीं है।

उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी कहां हुई,किसके साथ हुई और कैसे हुई इस संबंध में नेशनल हेराल्ड या कांग्रेस से जुड़े किसी व्यक्ति ने अभी तक कोई शिकायत नहीं की । शिकायत भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी की ओर से की गयी जबकि वह ऐसी किसी धोखाधड़ी का शिकार नहीं हुए। उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी का कहीं कोई मामला नहीं बनता, सबकुछ साफ है। नेशनल हेराल्ड का मालिकाना हक एसोसिएटेड जर्नल से लेकर यंग इंडिया को हस्तांतरित करने की पूरी प्रक्रिया में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं की गयी है। यंग इंडिया कंपनी अधिनियम की धारा 25 के तहत बनायी गयी कंपनी है जो अपनी परिसंपत्तियों के लाभ का बंटवार निदेशकों या शेयरधारकों के साथ नहीं कर सकती है। यह कानूनी बंदिश है जिसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता। ऐसे में इसे धोखाधड़ी का मामला बताना कतई सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले को ठोस सबूतों और तर्को के साथ ऊपरी अदालत में पेश करेगी। यह पूछे जाने पर कि पार्टी श्रीमती गांधी और श्री राहुल गांधी जैसे कद्दावर नेताआें को न्यायालय में व्यक्तिगत पेशी से कैसे बचाएगी श्री सिंघवी ने कहा कि पार्टी किसी को बड़ा छोटा नहीं मानती, कानून की नजर में सब बराबर हैं।

श्री स्वामी ने नेशनल हेराल्ड मामले में दायर याचिका में कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अलावा सैम पित्रौदा,मोतीलाल वोरा और सुमन दुबे सहित छह लोगों को आरोपी बनाया है।

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