modiनयी दिल्ली,  जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आज कहा कि कश्मीर घाटी में शांति बहाल करने के लिए सभी से बातचीत की जानी चाहिए लेकिन युवाओं को हिंसा के लिए भड़काने वाले लोगों के साथ कोई वार्ता नहीं की जा सकती। सुश्री मुफ्ती ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात के बाद संवाददाताआें से कहा, “प्रत्येक पार्टी कश्मीर में खून-खराबा बंद करना चाहती है लेकिन बातचीत केवल उन लोगों के साथ की जानी चाहिए जो इसके लिए तैयार हों।

जो लोग युवाओं को हिंसा के लिए उकसाते हैं, उनके साथ वार्ता नहीं की जा सकती।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी घाटी की स्थिति से चिंतित है और उन्हाेंने आश्वासन दिया है कि राज्य में हिंसा का माहौल समाप्त करने के लिए पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन का एजेंडा लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन शर्तों पर राज्य में पीडीपी सरकार में शामिल हुई है, उन पर अमल किया जा रहा है । उन्होंने श्री माेदी से कहा कि गठबंधन के एजेंडे को भारतीय जनता पार्टी लागू नहीं कर रही है।

उन्होंने कहा, “ प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया है कि एजेंडा लागू किया जाएगा अौर मुझे (सुश्री मुफ्ती को ) उम्मीद है कि इससे कश्मीर में शांति स्थापित होगी।” सुश्री मुफ्ती से पहले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कांफ्रेस कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में विपक्ष का एक प्रतिनिधिमंडल भी प्रधानमंत्री से मिल चुका है। सुश्री मुफ्ती ने कहा कि उन्हें सत्ता में आए महज दो महीने हुए हैं। उन्होंने लोगों से घाटी का संकट सुलझाने में मदद करने की अपील की और कहा,‘‘कश्मीर के लोग गरिमा के साथ जीवन जीना चाहते हैं।

इसलिए हिंसा भड़काने की बजाय समस्या सुलझाने के लिए मुझे मौका दिया जाए।” उन्होंने कश्मीर में हिंसा के माहौल के लिए पाकिस्तान काे जिम्मेदार ठहराया। अनंतनाग के कोकरनाग में आठ जुलाई को आंतकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के एक स्वयंभू शीर्ष कमांडर बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत के दूसरे दिन से घाटी में लगातार हिंसक प्रदर्शन हाे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री राजनाथ सिंह की सराहना भी की। संपादक कृपया शेष पूर्व प्रेषित समाचारों से जोड लें।

Related Posts: