karunanidhiचेन्नई, द्रविड मुन्नेत्र कषगम के अध्यक्ष करुणानिधि ने केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर हिन्दी भाषा थोपने का आरोप लगते हुए आज कहा कि गैर हिन्दी भाषी इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। 60 की दशक में भाषा की राजनीति की यादों को ताजा करते हुए श्री करुणानिधि ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के उस बयान की निंदा की जिसमें उन्होंने ने ऐसे बयानों को गैरजरूरी बताया था जिनमें हिन्दी की अलोचना की गयी हो।

उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा संचालित केन्द्रीय विद्ययालयों में जर्मन के स्थान पर हिन्दी और संस्कृत को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाये जाने का विरोध किया। श्री करुणानिधि ने आरोप लगाया कि हिन्दी सप्ताह और संस्कृत सप्ताह मना कर सरकार करदाताओं के पैसे का गलत इस्तेमाल कर रही है। भोपाल में 10 से 12 सितंबर तक आयोजित होने वाले हिन्दी सम्मेलन की भी उन्होंने आलोचना की। उन्होंने सरकारी टीवी चैनलों पर संस्कृत को बढावा दिये जाने की आलोचना करते हुए कहा कि दूरदर्शन पर आधे घंटे का संस्कृत में सामाचार का प्रसारण किया जा रहा है।

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