10as14तकनीकी में भी हो हिंदी भाषा का प्रयोग,  भाषाओं के विलुप्त होने की जताई आशंका, 
भोपाल,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिन्दी विद्वानों का आव्हान किया कि वे हिन्दी को ताकतवर बनाते हुए उन्हें दुनिया के सामने ले जायें. उन्होंने कहा कि हमारी भाषा सभी को जोडऩे वाली हो तभी हिन्दी समृद्धि की ओर बढ़ेगी, विकसित होगी. मोदी का कहना था कि तकनीकी में हिन्दी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

प्रधानमंत्री मोदी आज यहां 10वें विश्व हिन्दी सम्मेलन में 39 देशों से आए हिन्दी विद्वानों के सम्मेलन का उद्घाटन करने के पश्चात् सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. मोदी ने कहा कि आज दुनिया में 6 हजार भाषाएं हैं. 21वीं सदी के अंत में इनमें से 90 प्रतिशत भाषा लुप्त हो जायेगी. इस चेतावनी को समझें और अपनी भाषा का संरक्षण करें. हिन्दी भाषा को समृद्ध बनाना हमारा दायित्व है.

उन्होंने कहा कि भाषा लुप्त होने के बाद कितना बड़ा संकट होता है, इसका हमें अंदाजा है. संस्कृत भाषा में ज्ञान का भंडार है लेकिन संस्कृत भाषा जानने वालों की कमी के कारण ज्ञान भंडार का लाभ नहीं ले पा रहे. मोदी ने कहा कि पीढ़ी का दायित्व भाषा को समृद्धि देना है. मैं सोचता हूँ कि यदि मुझे हिन्दी समझ में नहीं आती तो मेरा क्या होता, मैं लोगों की बात कैसे समझता इस बात का मुझे
अंदाज है.

Related Posts: