royal_enfiledनयी दिल्ली,   रोमांच की पराकाष्ठा को छूने वाली रॉयल एनफील्ड हिमालयन ओडिसी के 13वें संस्करण में इस बार अनूठी पहल करते हुये पहली बार महिला राइडर्स को भी शामिल किया गया है जिन्हें यहां शनिवार सुबह ऐतिहासिक इंडिया गेट से लामाओं के मंत्रोच्चार के बीच रवाना किया गया।
इंडिया गेट से रवाना हुआ 83 पुरुषों और 20 महिला राइडर्स का दल दिल्ली से लेह लद्दाख तक 2500 किलोमीटर का सफर 15 दिन में तय करेगा।

राॅयल एनफील्ड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शाजी कोशी ने इन राइडर्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

ये राइडर्स अपने दुर्गम सफर के दौरान तीन पर्वतीय रेंजों और छह दर्रों से गुजरते हुये खारदुंग ला पहुंचेंगे जाे 18380 फुट की ऊंचाई पर दुनिया की सबसे ऊंची सड़क है।

हिमालयन ओडिसी में पहली बार शामिल महिला राइडर्स का नेतृत्व कर रहीं पुणे की उर्वशी पटोले ने कहा, “हम इस अभियान से यह संदेश देना चाहते हैं कि महिलायें किसी से कम नहीं हैं अौर यदि वे चाहें तो कुछ भी कर सकती हैं।
हमारी पूरी टीम महिलाओं की है जिसमें ड्राइवर, मैकेनिक, सर्विस स्टाफ और डॉक्टर भी महिलायें ही हैं।

इसमें किसी पुरुष को शामिल नहीं किया गया है। हम बताना चाहती हैं कि हम ऐसे काम खुद भी संभाल सकती हैं।

” 14 साल की उम्र से बाइक चला रही 28 वर्षीय उर्वशी पुणे से 1700 किलाेमीटर का सफर तय कर दिल्ली पहुंची हैं और यहां से उन्हें अब लगभग 2500 किलोमीटर का सफर और तय करना है यानि जब यह अभियान समाप्त होगा तो वह 4000 से ज्यादा किलोमीटर का सफर तय कर चुकी होंगी।

उर्वशी ने बताया कि महिला टीम में गुजरात, गुवाहाटी, बेंगलुरु, पुणे और छत्तीसगढ़ की राइडर्स शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि इस अभियान में उतरने की पहली शर्त रॉयल एनफील्ड बाइक चलाना है और फिर दो-तीन फिटनेस टेस्ट भी पास करना है।
हिमालयन ओडिसी के राइडर्स में थाईलैंड, इंडोनेशिया, कोलंबिया, फ्रांस और ब्रिटेन के बाइकर्स भी हिस्सा ले रहे हैं।

महिला राइडरों में तिरुपुर, बिलासपुर, चिट्टीनगर और कुंबकोनम जैसे छोटे शहरों से भी महिला प्रतिभागी अपनी हिम्मत और कौशल का प्रदर्शन कर रही हैं।