ujjainउज्जैन,   कोलकाता की हुगली नदी में उज्जैन संभाग के 60 होमगार्ड के जवानो को प्रशिक्षित किया है और ये जवान अब सिंहस्थ में तैनात किये जाने वालें दस हजार जवानो को प्रशिक्षण दे रहे है। जिन्हें सिंहस्थ के दौरान स्नान एवं प्राकृतिक आपदाओं के लिये तैनात किया जायेगा।

यहां आयोजित हो रहे सिंहस्थ महापर्व के दौरान तीन शाही और सात पर्व स्नान होना है। प्रशासन को मेला अवधि में पांच करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। सिंहस्थ के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालु शिप्रा नदी में स्नान कर पुण्यलाभ अर्जित करेंगे। स्नान के दौरान कोई हादसा न हो और किसी तरह की कोई अप्रिय स्थिति घटित न हो, इसके लिये होमगार्ड के जवानों को शिप्रा नदी पर स्थापित घाटों का अनुभव कराने के लिये गत मंगलवार से पांच दिवसीय प्रशिक्षण चल रहा है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार कोलकाता की हुगली नदी से प्रशिक्षण लेकर आये होमगार्ड के जवानों को दे रहें है। संभाग के करीब 60 होमगार्ड जवान, प्लाटून कमांडर और कमांडेंट एक माह की तैराकी का प्रशिक्षण लेकर यहां पहुंचे। रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर चल रहे प्रशिक्षण में होमगार्ड के जवानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि भूकंप, बाढ़, फायर आदि घटना की स्थिति में लोगों को कैसे बचाने जाए। प्रदेश के पांच संभागों से स्पेशल डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स (SDRF) के जवान भी इस प्रशिक्षण में शामिल रहे। प्रशिक्षण में अग्नि दुर्घटना और सर्पदंश से बचाव व सर्पदंश के पश्चात के उपचार के बारे में भी बताया गया। जल आपदा के दौरान बल किस तरह नागरिकों को डूबने से बचाये, आदि के बारे में एसडीआरएफ के जवानों ने प्रशिक्षण लिया।

संभागीय कमांडेंट संतोष जाट ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर 18-18 तैराक दल मौजूद रहेंगे। वर्तमान में उज्जैन में होमगार्ड के 10 हजार जवान अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। योजना के तहत 3500 होमगार्ड के जवान जल सुरक्षा के लिये तैनात रहेंगे। इसके अलावा होमगार्ड के जवानों की ड्यूटी झोन और सेक्टर आफिस में भी लगाई गई है। होमगार्ड का अमला झोन और सेक्टर में हर सेक्टर में प्लाटून कमांडर, कंपनी कमांडर और घाट पर तैराक भी मौजूद रहेंगे।

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