bpl1भोपाल,  बारिश पूर्व नालों सहित अन्य पानी का बहाव रोकने वालों को स्थानों को नगर निगम भोपाल द्वारा चिन्हित कर उन्हें जिला प्रशासन के साथ मिल हटाने की मंशा बनाई थी. परन्तु राजनैतिक अटकलों और विरोध के चलते यह संभव नहीं हो पाया था. अब जब प्रदेश की राजधानी एक ही दिन की बारिश में इन अतिक्रमणों के कारण डूब गई तो नगर निगम सहित जिला प्रशासन के होश उड़ जाने के बाद निरंतर ऐसे अतिक्रमणों को हटाने की कार्यवाही की जा रही है.

वहीं शहरवासियों का मानना है कि नगर निगम यदि सख्ती जो कार्यवाही अभी कर रहा है उसे वह बारिश पूर्व ही कर देता तो न ये आपदा आती और न ही भारी नुकसान होता. अब सबकुछ डूब जाने के बाद महापौर आलोक शर्मा और निगम कमिश्रर ने सख्ती से नालों सहित पानी का बहाव रोकने वाले अन्य स्थानों पर अतिक्रमण हटाने के निर्देशानुसार निगम के अमले ने गुरूवार को जोन क्र. 01 के अंतर्गत भैंसाखेड़ी क्षेत्र में चिरायु अस्पताल के पीछे नई बस्ती में नाले की भूमि पर बनी झुग्गी व अन्य अतिक्रमणों को हटाने की कार्यवाही की और नाले के बहाव को व्यवस्थित किया.

जोन क्र. 02 के अंतर्गत नेवरी मंदिर के पास नीलगगन हाईट्स के नाले पर किए गए अतिक्रमण को जे.सी.बी. मशीन व श्रमिकों के माध्यम से हटाया जबकि जोन क्र. 05 के अंतर्गत छावनी क्षेत्र में नालों पर किए गए अतिक्रमणों को हटाते हुए लगभग 80 फीट नाले की भूमि को जोन क्र. 09 के अंतर्गत वार्ड क्र. 50 में सागर परिसर क्षेत्र में नाले पर अवैध रूप से बनाए गए रैम्प किचन गार्डन आदि को हटाया साथ ही ई-7 अरेरा कालोनी स्थित लाला लाजपत राय सोसायटी में विभिन्न स्थानों पर नालों पर बनाए गए किचिन गार्डन, पोर्च, आर.सी.सी. के रैम्प एवं सर्विस स्टेशन वालों द्वारा गाडिय़ां धोने हेतु बनाए गए रैम्प तोडऩे की कार्यवाही की गई. जोन क्र.10 के अंतर्गत बिजली नगर कालोनी गोविन्दपुरा में नाले पर बने पक्के मकान को तोडऩे की कार्यवाही की एवं भारत टॉकीज क्षेत्र में नाले पर किए गए अतिक्रमण को हटाया एवं अनेक नालों पर रखी गई फर्सीयोंं को हटाकर नाले-नालियों की सफाई की गई.