modiनयी दि​ल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि तेजी से हो रहा शहरीकरण आपदाओं की आशंकाओं को जन्म दे रहा है लेकिन ठोस नीतियों , क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परस्पर सहयोग तथा लोगों को जागरूक बनाकर हम इस बड़ी चुनौती का मुकाबला कर सकते हैं और दुनिया को आपदाओं से सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण काम कर सकते हैं।

श्री मोदी ने आपदा जोखिम में कमी लाने संबंधी एशियाई देशों के सातवें मंत्री स्तरीय सम्मेलन में यहां अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि भारत 2015 में जापान में इस बारे में अपनाये गये सेन्डई फ्रेमवर्क को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत किसी भी आपदा की घड़ी में अपने पडोसियों और अन्य देशों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आपदा जोखिम कम करने के लिए एक दस सूत्री एजेन्डा भी सम्मेलन में रखा।

तीन दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में श्री मोदी ने कहा कि तेजी से हो रहा शहरीकरण कई तरह की आपदाओं की आशंका पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों में यह खतरा और अधिक है। आपदाओं से होने वाले खतरों को कम करने तथा इस चुनौती से निपटने के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देशों के बीच व्यापक सहयोग को उन्होंने बेहद जरूरी करार दिया।

उन्होंने कहा कि सभी देश प्रौद्योगिकी और अपनी विशेषज्ञता को दूसरे देशों के साथ बांटकर आपदाओ से होने वाले खतरे को कम कर सकते हैं और आपदा प्रबंधन के काम को आसान बना सकते हैं। श्री मोदी ने कहा कि आपदा जोखिम से निपटने के लिए ठोस नीतियां और योजनाओं को बनाना और उन्हें शहर बसाते समय मुख्य योजना में शामिल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोगों को शिक्षित और जागरूक बनाकर भी इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है।

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