makpaनयी दिल्ली,  मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने देश में आम जनता की रोजमर्रा की जरुरतों को देखते हुए सरकारी भुगतान के लिए नोट बंदी की समय सीमा को 30 दिसंबर तक बढ़ाने की मांग करते हुए कहा है कि वह इस मुद्दे को जोर शोर से संसद में उठायेगी तथा इसके लिए उसने काम रोको प्रस्ताव का नोटिस भी दे दिया है।

माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने आज यहाँ पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह मांग की लेकिन उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्य मंत्री ममता बनर्जी के साथ मिलकर इस मुद्दे पर लडाई लड़ने के बारे में फ़िलहाल कोई निर्णय नहीं लिया है।
श्री येचुरी ने कहा कि मोदी सरकार के इस फैसले से देश की गरीब और मेहनत कश जनता बुरी तरह परेशान हो गयी है और उसे भूखे मरने की नौबत आ गयी है क्योंकि देश की एक तिहाई जनता के पास बैंक में खाते भी नहीं है और 500 और एक हज़ार के नोट भी कोई नहीं ले रहा है।

उन्होंने पत्रकारों को दो हज़ार का नया नोट दिखाते हुए कहा कि उनका नोट कोई दुकानदार नहीं ले रहा है और ट्रेन में भी उन्हें इस नोट से भोजन नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि केरल में उनकी पार्टी की सरकार ने जनता की समस्याओं को देखते हुए अस्पताल में इलाज, रेलवे टिकट के आरक्षण और बिजली के बिल जैसी आवश्यक सेवाओं के सम्बन्ध में भुगतान की तारीख की समय सीमा 24 नवम्बर से बढाकर 30 दिसम्बर कर दी है।

इसी तरह केंद्र सरकार को भी यह समय सीमा बढ़ाकर 30 दिसम्बर तक कर देनी चाहिए।

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