kejriwalनयी दिल्ली, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नोटबंदी के साथ ही बाजार में हो रही नकदी की तंगी पर प्रधानमंत्री द्वारा 50 दिन का समय मांगे जाने पर तंज कसते हुए कहा है कि क्या सारे लोग काम धंधा छोडकर 50 दिन लाइन में खड़े रहेंगे। श्री केजरीवाल ने कहा कि बड़े नोट अचानक बंद कर देने और उसके स्थान पर नए नोटों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पूरा देश काम छोड़कर बैंकों के बाहर घंटों लाइन लगाए खड़ा है।

उन्हाेंने कहा प्रधानमंत्री देश को मुश्किल में डालकर जापान निकल गए। लौटे तो उम्मीद की गई कि कुछ राहत देंगे लेकिन उन्हाेंने तो हालात सामान्य करने के लिए 50 दिन की मोहलत मांग मांगी है, ऐसे में लोगों की चिंता और बढ़ गई है कि क्या 50 दिन उन्हें बिना रोटी, दूध के गुजारना होगा। एक एक पैसे के लिए क्या 50 दिन तक लाइन में खड़े रहेंगे। मुख्यमंत्री ने विशेष रुप से दिल्ली का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों के घरों में खाने पीने का सामान खत्म हो गया है।

मौजूदा हालात को देखते हुए उन्होंने अपने मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई है जिसमें दिल्लीवासियों की तकलीफें कम करने के उपायों पर चर्चा होगी। श्री केजरीवाल ने कहा देश में अघोषित आपातकाल से हालात पैदा हो गए हैं। जिनके पास इमानदारी का पैसा है वह भी परेशान हो रहे हैं। जनता की इस समस्या को कोई हल इस सरकार में पास दिखाई नहीं दे रहा है। कालेधन को खत्म करने के लिए बड़े जोर शोर के साथ विमुद्रीकरण का जो फैसला लिया गया उसे बेहद लचर तरीके से लागू किया गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा श्री मोदी कहते हैं ‘स्विस बैंक में जिनके खाते हैं, उनके साथ कांग्रेस की सेटिंग हैं।

अब मोदी जी भी वही कर रहे हैं। सिर्फ जुमले बाजी हो रही है। उन्हाेंने कहा जो बड़े भ्रष्टाचारी मोदी के करीबी हैं उन्हें भी जेल भेजा जाना चाहिए। देश से कालेधन और जाली नोटों को खत्म करने के लिए 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद 500 और 1000 के नोट बंद कर दिए गए हैं। केवल कुछ जरूरी जगहों पर ही इनका उपयोग किया जा रहा है।

पर्याप्त मात्रा में एटीएम में भी 100 के नोट नहीं है, जिसकी वजह से लोगों के पास पैसों की काफी दिक्कत हो रही है। बैंकों और पोस्ट ऑफिसों में नोट बदलने और अपने पैसे निकालने वालों की रोज लंबी लाइन लग रही है। रोजमर्रा की जरूरी चीजें खरीदना भी मुश्किल हो रहा है।

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