mulayamलखनऊ,  पारिवारिक कलह की पराकाष्ठा पर पहुंची सपा अपनी 25वीं सालगिरह के चंद दिनों पहले टूट की कगार पर पहुंच गयी है. शनिवार को अखिलेश समर्थक उदयवीर सिंह के पार्टी से निकाले जाने के बाद रविवार को नाराज सीएम अखिलेश ने अपने चाचा शिवपाल यादव सहित 4 मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया.

इसी के चलते प्रदेश सपा अध्यक्ष शिवपाल यादव ने अपने चचेरे भाई और सीएम अखिलेश के खास सिपहसालार रामगोपाल यादव को पार्टी से 6 साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज अपने चाचा और ङ्क्षसचाई मंत्री शिवपाल ङ्क्षसह यादव समेत चार मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया.

मुख्यमंत्री ने विधायकों की बुलाई बैठक के दौरान इन मंत्रियों को बर्खास्त किया.बर्खास्त होने वाले अन्य मंत्रियों में पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश ङ्क्षसह, महिला कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) शादाब फातिमा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री नारद राय भी शामिल हैं.अखिलेश ने साथ ही अमर सिंह पर भी निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि ये आदमी परिवार व पार्टी में कलह का कारण है.

उधर पार्टी अध्यक्ष शिवपाल यादव ने रामगाोपाल यादव पर तमाम पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए पार्टी से 6 साल निष्कासित कर दिया है. साथ ही उन्हें पार्टी के सभी पदों से भी हटा दिया गया है.शिवपाल ने आरोप लगाया है कि प्रोफेसर रामगोपाल यादव हमेशा से पार्टी को कमजोर करने की साजिश में जुटे रहे. शिवपाल की मानें तो रामगोपाल उनके खिलाफ साजिश रचते रहे हैं.

रामगोपाल यादव को पार्टी से निष्कासन का ऐलान करते हुए शिवपाल ने कहा कि घोटाले में फंसे बेटे और बहू को बचाने के लिए रामगोपाल ने बीजेपी से हाथ मिला लिया. कैबिनेट से बर्खास्त किए गए शिवपाल यादव ने सीधे तौर पर रामगोपाल यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि सीबीआई से बचने के लिए रामगोपाल ने बीजेपी से हाथ मिलाया है.

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