ravishankerनयी दिल्ली,  केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा , समानता और गरिमा सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए आज कहा कि तीन तलाक पर मोदी सरकार के रूख के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कोई छिपा एजेंडा नहीं है।

श्री प्रसाद ने यूनीवार्ता से विशेष साक्षात्कार में कहा कि इस मामले पर केंद्र की ओर से उच्चतम न्यायालय में दाखिल हलफनामा संवैधानिक मूल्यों पर आधारित है जो हर नागरिक को समान अधिकार और गरिमा प्रदान करता है।

आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड के इस आरोप को खारिज करते हुए कि सरकार का यह कदम मुस्लिम समुदाय के लिए बने पर्सनल लाॅ में हस्तक्षेप है ,श्री प्रसाद ने कहा कि कोई भी भेदभावकारी प्रथा आस्था का हिस्सा नहीं बन सकती है। कानून मंंत्री ने कहा “आस्था के अधिकारों का हम पूरा सम्मान करते हैं लेकिन इसके नाम पर गलत प्रथा को हम स्वीकार नहीं कर सकते क्योंकि यह संवैधानिक रूप से स्वीकार्य नहीं है ।”

भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की पुरजोर वकालत करते हुए कानून मंत्री ने कहा कि जब 12 से भी ज्यादा मुस्लिम बहुल देश तीन तलाक की प्रथा को नियंत्रित रिपीट नियंत्रित कर सकते हैं तो इस दलील को कैसे न्यायोचित ठहराया जा सकता है कि सरकार का रूख शरीयत का उल्लंघन करने वाला है।

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