unicefबैंकाक,  थाइलैंड-म्यांमार सीमा के पास शरणार्थी शिविरों से आज म्यांमार के एक शरणार्थी परिवार को उनकी इच्छा के अनुसार स्वदेश रवाना करके पहली ऐच्छिक वापसी की शुरुआत की गयी। इसके तहत म्यांमार के 68 शरणार्थियों के एक दल को स्वदेश भेजा जाना है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने बताया कि शरणार्थियों की वापसी को थाईलैंड और म्यांमार की सरकारों की ओर से बढ़ावा मिला है।

थाइलैंड की सीमा के पास नौ शिविरों में हजारों शरणार्थी रह रहे हैं। म्यांमार में राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता के दौर के कारण शरणार्थियों के लिए घर लौटना काफी मुश्किल है हालांकि इस वर्ष की शुरुआत में वहां लोकतांत्रिक सरकार बनने के बाद स्थितियां पहले से बेहतर हुई हैं। एजेंसी के वरिष्ठ समन्वयक इऐन हॉल ने बताया कि पश्चिमी प्रांत राचाबुरी के एक शिविर में रह रहे एक परिवार को म्यांमार भेजा गया है।

पश्चिमी ताक प्रांत से बीसियों लोगों को कल म्यांमार के लिए रवाना किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह कदम मील का पत्थर है लेकिन यह बड़े पैमाने पर देश से निकाले जाने की शुरूआत नहीं है। म्यांमार सरकार ने भी इन लोगों के लिए पहचान पत्र जारी करते हुए उन्हें अपना नागरिक बताया है।” उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भी स्वदेश लौटने का निर्णय लिया है, उन सभी ने पहले अपने परिजनों से पुष्टि कर ली है कि उनका म्यांमार लौटना सुरक्षित है। थाइलैंड के नौ शिविराें में एक लाख से अधिक शरणार्थी रहते हैं। इनमें से कुछ 30 वर्ष से अधिक समय से यहां रह रहे हैं।

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