arunनयी दिल्ली,  नोटबंदी को लेकर चल रहे गहरे विवाद के बीच सरकार ने आज कहा कि वह चाहती है कि देश में नकदी का चलन घटे और‘डिजिटल मनी’इसका विकल्प बने ।

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान डिजिटल भुगतान प्रणालियों पर पूछे गए एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि सरकार चाहती है कि देश की अर्थव्यवस्था ज्यादा से ज्यादा‘कैश लेस’बने और भुगतान की डिजिटल व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जाए।

उन्होंने कहा कि देश में मौजूद 80 करोड़ डेबिट कार्ड में से 40 करोड़ का इस्तेमाल एटीएम केन्द्रों पर काफी सक्रियता से किया जा रहा है । पैसे के लेन-देन के लिए‘ई वालेट’और ऐसी ही अन्य डिजिटल भुगतान प्रणालियों के चलन में आने से वाणिज्य और उद्योग को फायदा होगा । वित्त मंत्री ने कहा कि यही वजह है कि सरकार भविष्य की प्रौद्योगिकी मानी जाने वाली इन डिजिटल भुगतान प्रणालियों को प्रोत्साहित कर रही है।

उन्होंने इस मौके पर राज्य सरकारों से भी इसमें केन्द्र का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘कैश लेस’ सोसाइटी की अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिए लोगों को डिजिटल भुगतान प्रणालियों के बारे में शिक्षित और जागरुक बनाने के लिए अलग से एक कोष की व्यवस्था की गई है।

श्री जेटली ने कहा कि ‘कैशलेस सोसाइटी’ का मतलब होगा कि हाथ में पैसा रखने के लिए ज्यादा इंतजाम नहीं करने होगे,भुगतान में पारदर्शिता रहेगी और नकली मुद्रा पर रोक लगेगी। सदन में प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्य नोटबंदी के मुद्दे पर हंगामा करते रहे। श्री जेटली ने हंगामे के बीच ही सवालों का जवाब देते रहे।

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