rupee_2000लखनऊ,  कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम के तहत केन्द्र सरकार के 500 और 1000 रूपये के नोटों को खत्म करने के फैसले के बाद पिछले दो दिनों से सुस्त पडी व्यापारिक गतिविधियां नये नोटाें की आमद के साथ रफ्तार पकडने लगी है।

केन्द्र सरकार के अचानक लिये गये फैसले के बाद लखनऊ, कानपुर, मेरठ, वाराणसी और बरेली समेत सूबे के अधिसंख्य क्षेत्रों के थोक एवं खुदरा कारोबार में जबरदस्त गिरावट आयी थी। व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर 500 और 1000 रूपये के नोट बंद होने की स्लिपें चस्पा कर दी गयी थीं। इस अवधि में कानपुर के थोक किराना व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर केन्द्र सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध जताया था।

कल से बैंको से नये नोट मिलने के साथ आशिंक बंदी की कगार पर खडी व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी देखी गयी। आज बैंक शाखाओं के साथ साथ एटीएम चालू होने से बाजारों में चहलकदमी बढ गयी। नोटों के लेनदेन में फौरी रूकावट को पूरी तरह बहाल होने में फिलहाल कुछ और समय लग सकता है हालांकि चेक और क्रेडिट डेबिट कार्ड के जरिये होने वाले व्यापार विधिवत जारी रहेगा।

हजरतगंज, अमीनाबाद,नक्खास, चौक, निशातगंज, इंदिरानगर और गोमतीनगर में दुकाने समय से खुली। सुबह दुकानों पर अमूमन सन्नाटा पसरा रहा मगर दोपहर तक बाजार में ग्राहकों की खासी हलचल देखी गयी। लोगों ने इस दौरान फल,सब्जी और किराने के दुकानों की ओर रूख करने में दिलचस्पी दिखायी और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की खरीददारी की।

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