lekhiनयी दिल्ली,  सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने नोटबंदी के मामले में कांग्रेस पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि सत्तर साल से भ्रष्टाचार को पनाह देने वाली यह पार्टी कालेधन के खिलाफ कार्रवाई होने पर अब नाहक शोर मचा रही है।

पार्टी प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने आज यहां संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कांग्रेस के साथ ही आम आम आदमी पार्टी पर भी नोटबंदी को राजनीतिक मुद्दा बनाने का अारोप लगाया।

उन्होंने कहा कि ये दोनों ही दल भ्रष्टाचार करने वालों के साथ हैं। श्री अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के संकल्प को लेकर सत्ता में आए थे और अब वही काले धन के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। अपने इस कृत्य से वह जनता के सामने बेनकाब हो गए हैं और लोगों ने उनकी बात सुनना बंद कर दिया है।

एक सवाल के जवाब में श्रीमती लेखी ने कहा कि भ्रष्टाचार और कालेधन की सफाई करने के सरकार के कदम से जनता को कुछ परेशानी हुई है लेकिन जब कोई बड़ा कदम उठाया जाता है तो इस तरह की कुछ दिक्कतें होती ही हैं। उन्होंने कहा कि काले धन के खिलाफ इस कार्रवाई से विवाह समारोहों में फिजूलखर्ची और दहेज की समस्या पर भी रोक लगेगी।

नोटबंदी का फैसला अचानक लिए जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार एक-एक कदम उठाने के बाद इस फैसले पर पहुंची। पहले जनधन योजना के तहत सभी गरीब लोगों के खाते खुलवाए गए और उनके लिए कई अन्य योजनाएं शुरू की गई।

फिर जिन लोगों के पास आय से अधिक सम्पत्ति थी, उनसे उसे जमा कराने को कहा गया अौर इसके लिए उन्हें पर्याप्त समय दिया गया और फिर उसके बाद पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट बंद का फैसला किया गया। उन्होंने इस बात से इन्कार किया कि पश्चिम बंगाल की भाजपा इकाई ने नोटबंदी से पहले ही बैंक के खाते में एक करोड़ रुपए जमा कराये थे।

उन्होंने पहले ही कुछ लोगों को नोट बंद करने की जानकारी होने की बात को अफवाह बताते हुए कहा कि इसका फैसला नितांत गोपनीय था, इसलिए नोट जमा कराने की बात बिल्कुल बेसिर पैर की है।

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