rajnathनयी दिल्ली,  केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत आपदा जोखिम में कमी लाने से संबंधित सेन्डई फ्रेमवर्क के प्रति वचनबद्ध है और सभी देशों से इस चुनौती से निपटने में परस्पर सहयोग की अपील करता है। श्री सिंह ने आपदा जोखिम में कमी लाने के संबंध में यहां आयोजित एशियाई देशों के मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सेन्डई फ्रेमवर्क को लागू करने की एशियाई क्षेत्रीय योजना के प्रति अपनी वचनबद्धता प्रकट करता है ।

उन्होंने कहा कि भारत एशिया और दुनिया को आपदाओं से सुरक्षित बनाने के लिए इस फ्रेमवर्क के उद्देश्यों और लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अन्य देशों के साथ मिलकर कार्य करने का संकल्प लेता है। उन्होंने कहा कि एशियाई क्षेत्र में आपदाओं की आशंका अधिक है और दुनिया भर में होने वाली 10 में से आठ आपदाएं इस क्षेत्र में होती हैं जिससे दुनिया की दो तिहाई आबादी इनसे प्रभावित है।

उन्होंने कहा कि आपदाओं से निपटने की जिम्मेदारी सामूहिक है और इसमें समाज के सभी वर्गों, सरकारों , व्यापारियों , गैर सरकारी क्षेत्रों और व्यक्तिगत स्तर पर सभी को योगदान देना चाहिए। यदि इस चुनौती से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास किये जाते हैं तो जोखिम कम करने में बड़ी मदद मिलेगी ।

गृह मंत्री ने कहा कि अभी तक सरकारों का जोर आपदा प्रबंधन पर ही रहता था लेकिन अब दुनिया भर में इस बात को महसूस किया गया है कि आपदा प्रबंधन से पहले आपदा के जोखिमों को कम करने पर ज्यादा जोर दिया जाना चाहिए और इससे संबंधित नीतियों पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत ने गत जून में ही पहली आपदा प्रबंधन योजना जारी की थी।

तीन दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में सेन्डई फ्रेमवर्क को लागू करने का मार्ग प्रशस्त करने के साथ ही आपदा जोखिमों को कम करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा होगी। सम्मेलन में 40 से भी अधिक देशों के 4000 से भी अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सेन्डई सम्मेलन के बाद आपदा जोखिम पर यह अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है ।

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