menkaनयी दिल्ली, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने लैंगिक समानता पर जोर देते हुए आज कहा कि विवाह बंधन में सभी धर्मों की महिलाओं को बराबरी के अधिकार मिलने चाहिए।

श्रीमती गांधी ने यहां द्वितीय ‘अखिल भारतीय महिला पत्रकार’ कार्यशाला में कहा कि समाज में सभी स्तरों को लैंगिक रुप से संवदेनशील बनाने की जरुरत है। इसके लिए सरकार तो पहल कर ही रही है लेकिन सामाजिक संगठनों और अन्य संस्थाओं को इसमें सहयोग करना होगा। समाज की इस सोच को बदलने की आवश्यकता है कि महिलाओं के कल्याण का काम परमार्थ का है।

उन्होंने कहा कि लैंगिक समानता महिलाओं का अधिकार है और यह उन्हें मिलना ही चाहिए। कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कृष्णा राज भी मौजूद थीं।

उन्हाेंने कहा कि विवाह बंधन में सभी महिलाओं काे बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए चाहे वे किसी भी धर्म से संबंधित हो। गौरतलब है कि विधि आयोग ने लैंगिक समानता की संभावना तलाशने के लिए एक प्रश्नावली जारी की है जिसमें देश में समान विवाह कानून बनाया जा सके। इसे मुस्लिम समुदाय में प्रचलित ‘तीन तलाक’ के भी खिलाफ माना जा रहा है। विधि आयोग के इस कदम का मुस्लिम समुदाय के एक वर्ग ने तीखा विरोध किया है।

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