बग्लामुखी कवच
यह समय घोर प्रतिस्पर्धा का है. आज व्यक्ति खुद के दुखों से ज्यादा दूसरों के सुख से दु:खी है. मनुष्य के कई शत्रु बन जाते हैं. दूसरों से आगे निकलने की होड़ में व्यक्ति एक-दूसरे का दुश्मन बनता चला जाता है.
यहां तक की तांत्रिक प्रयोग करवाने से भी नहीं चूकते. इसलिए हमारे ग्रन्थों में शत्रुबाधा, मुकदमा, कलह, डर इत्यादि से रक्षा करने के लिए बग्लामुखी कवच धारण करना बताया गया है. बग्लामुखी कवच धारण करने के बाद व्यक्ति पर शत्रु द्वारा किया गए सभी तांत्रिक प्रयोग विफल हो जाते हैं. इस कवच को धारण करने से शत्रु भय दूर होता है व मुकदमों में विजय होती है.
अभेद्य महामृत्युंजय कवच
जब जन्म कुंडली में मृत्यु का योग न हो लेकिन फिर भी व्यक्ति मृत्यु को प्राप्त हो जाए तो इसे अकाल मृत्यु कहा जाता है. हर समय किसी अनहोनी का डर लगा रहता है. इन्हीं कारणों से बचाव के लिए मां भगवती ने भगवान शिव से पूछा कि प्रभु अकाल मृत्यु से रक्षा करने और सभी प्रकार के अशुभों से रक्षा का कोई उपाय बताइए. तब भगवान शिव ने महामृत्युंजय कवच के बारे में बताया. महामृंत्युजय कवच को धारण करके मनुष्य सभी प्रकार के अशुभो से बच सकता है और अकाल मृत्यु को भी टाल
सकता है.
सर्वजन वशीकरण कवच-
आकर्षण, व्यक्तित्व, मधुरता, मोहकता ये सब शब्द किसी भी व्यक्ति विशेष के लिए बहुत मायने रखते हैं.
आज के युग में हमें कई लोगों से मिलना पड़ता है जिसमें पुरूष, स्त्री, अधिकारी व अन्य तरह के लोग होते हैं. उन सब पर प्रभाव जमाने के लिए आवश्यक है कि हमारे व्यक्तित्व में कोई विशेष बात हो या हमारे चेहरे पर चुम्बकीय आर्कषण हो जिसे देखते ही सामने वाला प्रभावित
हो जाए.
सर्वजन वशीकरण कवच धारण करके आप महसूस करेंगे कि आपके व्यक्तित्व में एक अनोखा आर्कषण आ जाएगा. इसे धारण करने के बाद आप आर्कषण, शांति और सुकून महसूस करेंगे. साथ ही अपने आर्कषक व्यक्तित्व का परिणाम भी देखेंगे.
सौंदर्य कवच
हर स्त्री की सदैव यही सोच बनी रहती है कि उसमें यौवन, रूप लावण्य, आर्कषण सदैव बना रहे. लेकिन कई लड़कियों में विवाह योग्य उम्र हो जाने के बाद भी यौवन, रूप लावण्यता नहीं रहती है.
ब्यूटी पार्लर अथवा सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल करके बढ़ती उम्र को छुपाने की कोशिश की जाती है.
तंत्र में ऐसी औरते अनंग मरू साधना द्वारा काम संतुष्टी प्राप्त कर सकती हैं. लेकिन जो औरते नौकरी या व्यवसाय में है अथवा जो मंत्र जाप या पूजा नहीं कर सकती वे सौंदर्य कवच को धारण कर अपने जीवन में यौवन व रूप लावण्यता प्राप्त कर सकती हैं. इस कवच को धारण करने से शारीरिक ही नहीं अपितु आत्मिक सुंदरता का भी विकास होता है.

