parliamentनयी दिल्ली,  नोटबंदी पर कार्यस्थन प्रस्ताव को मंजूर करके नियम 56 के तहत चर्चा कराने की मांग पर अड़े विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही आज लगातार पांचवें दिन नहीं चल पायी।

विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण आज भी प्रश्नकाल नहीं हो सका और सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक और फिर लगभग चालीस मिनट बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी।

सदन की कार्यवाही पूर्वान्ह्न 11 बजे जैसे ही शुरू हुई, कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों के सदस्य हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर हंगामा करने लगे। कांग्रेस सदस्यों के हाथों में बड़े-बड़े बैनर थे, जिन पर लिखा था- ‘नोटबंदी के कारण 70 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन’ अौर ‘प्रधानमंत्री सदन में आकर जवाब दो।’ अन्य दलों के सदस्यों के हाथों में भी पोस्टर और तख्तियां थीं, जिन पर अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने नाराजगी जतायी।

हंगामे के बीच ही अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू कर दिया और इलेक्ट्राॅनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जवाब भी दिया, लेकिन विपक्ष का हंगामा और तेज हो गया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सदन में इस तरह बड़े-बड़े बैनर लेकर प्रदर्शन करना सदन संचालन संबंधी नियमावली के खिलाफ है।

श्री कुमार ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में 50 साल से अधिक समय तक रही है और उसे सदन की नियामवली के बारे में पता है, इसके बावजूद उसके सदस्य नियम विरुद्ध व्यवहार कर रहे हैं, जो सर्वथा अनुचित है। उन्होंने कहा कि सरकार नोटबंदी के खिलाफ बहस कराने को तैयार है, लेकिन विपक्ष खुद इससे भाग रहा है। पता नहीं, विपक्षी पार्टियां सदन की कार्यवाही क्यों बाधित करना चाह रही है।

उन्होंने कहा कि पूरे देश में पिछले दिनों हुए उपचुनावों में असम, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को मिली सफलता इस बात के पुख्ता प्रमाण है कि पूरा देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी के फैसले का समर्थन कर रहा है। हालांकि विपक्ष का हंगामा जारी रहा और अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

बारह बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू होने पर सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने अध्यक्ष से कहा कि यदि वह कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूर करके नियम 53 के तहत चर्चा करने की अनुमति देती हैं तो विपक्ष चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोेगों को हो रही कठिनाइयों के बारे में सदन में चर्चा करना चाहता है लेकिन बाहर यह कहा जा रहा है कि चंद लोग काला धन का समर्थन कर रहे हैं। उनके यह कहते ही विपक्ष ने फिर हंगामा शुरू कर दिया।

Related Posts: