parliamentनयी दिल्ली,  लोकसभा में नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्षी दलों के आज लगातार चौथे दिन भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही ठप्प रही। एक बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिये स्थगित करनी पड़ी।

सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष ने नोटबंदी के मुद्दे पर कामरोको प्रस्ताव पर चर्चा की मांग को लेकर सदन के बीचोबीच आकर नारेबाजी और भारी शोरशराबा किया जिससे प्रश्नकाल नहीं चल सका और अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को महज बीस मीनट के भीतर सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

श्रीमती महाजन ने जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की विपक्षी सदस्य नोटबंदी पर नियम 56 के तहत चर्चा कराने की मांग करते हुए सदन के बीचोंबीच आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। अध्यक्ष सदस्यों से अपनी सीट पर बैठने और नोटबंदी को लेकर चर्चा कराने का आश्वासन देते हुए उन्हें अपनी सीट पर जाने का आग्रह करती रहीं लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गयी और सदस्य नारेबाजी एवं हंगामा करते रहे। अध्यक्ष ने हंगामे पर कड़ा रुख जताते हुए कहा “ दुख होता है।

वास्तव में आप लोग जनप्रतिनिधि हैं तो आपको जनता के सुख दुख की बात पर चिंता और चर्चा करनी चाहिए। आप लोग जिस तरह का व्यवहार कर रहे हैं यह जनता की तकलीफ को सदन में रखने का तरीका नहीं है।” श्रीमती महाजन बीच बीच में लगातार बोलने का प्रयास करती रहीं लेकिन उनकी बात हंगामा कर रहे सदस्यों ने नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि शोरशराबा कर रहे सदस्य यदि टेलीविजन स्क्रीन पर दिखना चाहते हैं तो सामने आएं लेकिन मंत्री के जवाब में व्यवधान उत्पन्न नहीं करें।

विपक्षी सदस्य श्रीमती महाजन की अपील पर शांत होने की बजाए और जोर से शोर शराबा करते हुए “पूरा विपक्ष एक है, मोदी तुमको आना है, स्थगन प्रस्ताव शुरू करो प्रधानमंत्री सदन में आओ” के नारे लगा रहे थे। सदस्य हाथों में तख्तियां भी लिए हुए थे जिन पर ‘गरीबों को बचाओ, कृषि को बचाओ, प्रधानमंत्री सदन में आओ, 100, 50, 20, 10 और 500 रुपए के ज्यादा नोट जारी करो’ जैसे नारे लिखे हुए थे।

हंगामा नहीं थमा तो अध्यक्ष ने फिर सदस्यों से चुप रहने की अपील की। उन्होंने कहा “आप सदन की कार्यवाही में बाधा उत्पन्न करना चाहते हैं, आप चर्चा नहीं चाहते हैं, यह अच्छा नहीं है। लोगों की तकलीफ पर चर्चा की जानी चाहिए। कृपया आप लोग अपनी सीटों पर चलें जाएं, यह तरीका ठीक नहीं है।” अध्यक्ष की अपील पर ध्यान देने की बाजए सदस्यों ने हंगामा और तेज कर दिया। शाेर शराबा बढ़ते देख श्रीमती महाजन ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।

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