लंदन.मैड्रिड,  अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी द्वारा विकसित हैंकिंग टूल का इस्तेमाल वैश्विक साइबर हमले के लिए करते हुए करीब 100 देशों के लाखों कम्प्यूटरों की जानकारियां हैक कर ली गईं हैं।

शुक्रवार की रात हुए इस हमले से सबसे गंभीर रूप से रूस प्रभावित हुआ जबकि लंदन की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पडा है। हैकरों ने अमेरिकी कूरियर सर्विस फेडेक्स के सिस्टम को भी बाधित कर दिया। साइबर आतंकवादियों ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से स्पैम ईमेल में मालवेयर कम्प्यूटर वायरस रैंसमवेयर का इस्तेमाल करके कम्प्यूटरों की जानकारियां हैक कर ली।

यह वायरस स्पेम ईमेल के जरिये चालानों, नौकरी के आवेदनों, सुरक्षा चेतावनियाें और अन्य वैध फाइलों के रूप में पहुंच रहा है। हैकरों ने कंप्यूटर पर डेटा में छेड़छाड़ कर पीड़ितों से इसके एवज में 300 डॉलर से 600 डॉलर का भुगतान करने की मांग की थी। सुरक्षा शोधकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने देखा कि कुछ पीड़ितों ने डिजिटल मुद्रा भुगतान के माध्यम से भुगतान किया है। सुरक्षा सॉफ्टवेयर निर्माता अवास्त के शोधकर्ता ने कहा कि उन्होंने 99 देशों में 57,000 हैक करने के मामले देखे हैं।

इनमें रूस, यूक्रेन और ताइवान सबसे गंभीर रूप से प्रभावित है। एशियाई देशों ने शनिवार को किसी बड़ी हैकिंग की सूचना नहीं दी लेकिन इस क्षेत्र के अधिकारियों को जांच में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि हैकिंग से हुए नुकसान की पूरी जानकारी अभी ज्ञात नहीं हो सकी है।

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने कहा कि कुछ माध्यमिक विद्यालय और विश्वविद्यालय हैकिंग के शिकार हुए हैं। हालांकि उसने उन संस्थानों या उनकी संख्या के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी है। अंतरराष्ट्रीय कूरियर कंपनी फेडेक्स ने कहा कि इसके कुछ विंडोज कंप्यूटर भी प्रभावित हुए हैं। कंपनी ने एक वक्तव्य जारी कर कहा,“हम जल्द से जल्द इसे ठीक करने का प्रयास कर रहे हैं।”

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