बाढग़्रस्त प्रदेश का सीएम ने किया हवाई सर्वे

भोपाल, 30 जुलाई. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के बाढ प्रभावित क्षेत्रों का आज हवाई सर्वेक्षण किया. राज्य में पिछले पांच दिनों से हो रही भारी वर्षा के कारण बाढ की स्थिति निर्मित होने के साथ वर्षाजन्य हादसों में 11 लोगों की मौत हो गई और लगभग 300 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है.

श्री चौहान ने सुबह प्रदेश के मुख्य सचिव आर. परशुराम और पुलिस महानिदेशक नंदन दुबे के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र शाजापुर, सीहोर, देवास, उज्जैन, होंशगाबाद, हरदा और रायसेन का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ की स्थिति का जायजा लिया. मप्र-उप्र को जोडने वाला पुल टूटा-  मप्र और उप की सीमा को जोडने वाला चम्बल नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो जाने से भिण्ड-इटावा का रास्ता एक अगस्त से बंद कर दिये जाने की उम्मीद है.

तीन महिलाएं बही

दमोह. जिले के ग्राम बटियागढ में तेज वर्षा के कारण एक पुल पर अचानक आये पानी के तेज बहाव में तीन महिलाएं बह गई,जिसमे से दो को सुरक्षित बचा लिया गया है.

बढ़ सकता है बाढ का कहर

मध्यप्रदेश के पश्चिम भाग में आगामी 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना से उज्जैन, इंदौर और भोपाल संभाग के कुछ जिले में बाढ की स्थिति विकराल रूप धारण कर सकती है. मौसम विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि पश्चिमी मध्यप्रदेश के झाबुआ, रतलाम, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, इंदौर, सीहोर, रायसेन और विदिशा जिले में मानसून के अत्यधिक सक्रिय रहने से लगातार तेज वर्षा हो रही और कुछ स्थानों पर बाढ की स्थिति निर्मित हुई है. इन जिलों में आगामी 24 घंटे में तेज बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है.

बंगाल की खाडी में बने नये सिस्टम से अब पूर्वी मध्यप्रदेश में भी आगामी 24 घंटे में मानसून तेजी से सक्रिय होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में सक्रिय मानसून के भोपाल क्षेत्र के उपर से निकलकर ग्वालियर क्षेत्र में पहुंच जाने से इस दौरान राजधानी में भारी वर्षा नही हुई है,लेकिन बंगाल की खाडी में बने नये सिस्टम से अब आगामी 24 घंट में भोपाल सहित पूर्वी मध्यप्रदेश में भी तेज वर्षा होने की संभावना है.

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