कश्यप सिंह नयी दिल्ली, 18 नवंबर. उत्तरप्रदेश में शियासी शह-मात के खेल में भाजपा ने अपने आंतरिक सर्वे को देखकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है. सर्वे की रिपोर्ट के बाद उत्साहित भाजपा प्रदेश में और भी मेहनत कर बसपा के खिलाफ बन रहे माहौल को अपने पक्ष में लाने के लिए जी तोड़ प्रयास करनी शुरू कर दी है. सर्वे में इस बात पर जोर दिया गया है कि प्रदेश की जनता सूबे में बसपा और केंद्र में यूपीए सरकार से खासे परेशान है. महंगाई और भ्रष्टाचार  को लेकर इन दोनों पार्टियों से निजात चाहती है.

सर्वे में भाजपा उत्तरप्रदेश में सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत नहीं जुटा पा रही है लेकिन प्रदेश में अपनी खोयी हुई जनाधार को पाने में काफी हद तक सफल दिखायी दे रही है. भाजपा द्वारा करवाए गए इस आंतरिक सर्वे में 110-135 सीटों तक दिखाया गया है. भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी द्वारा करवाये गए इस सर्वे में यह साफ कहा गया है ये सीटें तभी मिल सकती है जब भाजपा अपनी पूरी शक्ति से लड़े. सर्वे में इस बात को साफ किया गया है कि सवर्ण वोट को लेकर राजनाथ सिंह और कलराज मिश्र की रैली ने खासा योगदान किया है. बसपा से छिटकी सवर्णो वोट भाजपा को मिल सकता है बशर्ते सवर्ण नेता बेहतर मेहनत करे. सर्वे में कहा गया है कि ब्राह्ण वोट बसपा से खिसक सकता है और भाजपा के झोली में आ सकता है. सर्वे में भाजपा को सवर्ण वोट पर जोर देने के लिए कहा गया है. ताकि बसपा के खिलाफ बनते माहौल को भाजपा अपनी ओर मोड़ सके. सर्वे में इस बात पर जोर दिया गया है कि घरेलू मुद्दों को छोड़ दिया जाये तो महंगाई और भ्रष्टाचार  ही ऐसे मुददे होंगे जिन पर चुनावी लड़ाई धारदार तरीके से लड़ा जा सकता है.

उल्लेखनीय है कि उत्तरप्रदेश के चुनाव रणनीति को लेकर पांच नेता रणनीति बना रहे है उनमें से चार नेता सवर्ण ही है.

Related Posts: