मुंबई, 10 नवंबर. 11.11.2011 के लिए प्राइवेट मैटरनिटी होम्स में ऑपरेशन की लिस्ट लंबी होती जा रही है। मुंबई के तकरीबन एक दर्जन प्रसूति गृहों में बात करने के बाद पता चला है कि 11 नंवबर 2011 को बच्चे पैदा करने क्रेज लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है।

शहर के एक दर्जन प्रसूति गृहों में लगभग 1000 ऑपरेशंस की अडवांस बुकिंग हो चुकी है। इस बात की पूरी संभावना है कि इसके लिए डॉक्टरों और हॉस्पिटल स्टाफ को ओवर टाइम करना पड़ सकता है। हद तो यह है कि जिन महिलाओं को अभी गर्भ का सातवां-आठवां महीना चल रहा है, वे भी डॉक्टरों से 11.11.11 को अपने बच्चे के जन्म के लिए पूछताछ कर रही हैं, लेकिन डॉक्टर ऐसी कोई भी रिस्क न लेने की सलाह दे रहे हैं। 11.11.11 के क्रेज की मारी संभावित ममियों को समझाने में डॉक्टरों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। यह कैसा जुनून कमला मैटरनिटी   मालाड वेस्ट में डॉक्टर मुकेश अग्रवाल के पास 10-12 दिनों से इस तरह की इनक्वारी आ रही थीं। बुधवार तक दो महिलाओं ने अपने ऑपरेशन बुक कर दिए और दो गुरुवार को फैसला करेंगी।

उन्होंने बताया कि एक महिला तो इसी दिन प्रिमच्योर डिलिवरी से ही सही बच्चे को जन्म देना चाहती है। मगर बच्चे का विकास गर्भाशय में ही अच्छा होता है इसलिए उसे मना कर दिया गया। इसी तरह माला मैटरनिटी होम के डॉक्टर जगदीश गढ़ा के पास भी एक ऑपरेशन बुक हो चुका है। यह महिला दिन 11 बजे ही बच्चे को जन्म देना चाहती है। भायखला के प्रेरणा मैटरनिटी होम में भी एक महिला ने नाम दर्ज करवाया है और दो गुरुवार तक रुकी हैं।  मनोहर मोटवानी के सांताक्रुज स्थित कारवानी मैटरनिटी होम में एक महिला अपना ऑपरेशन बुक कर चुकी है। 31 दिसंबर 1999 गौरतलब है कि सहस्त्राब्दी  का अंतिम दिन होने के कारण 31 दिसंबर 1999 के दिन भी महिलाओं में बच्चों को जन्म देने की होड़ लगी थी। बहुतों ने रात 12 बजे ही बच्चे को जन्म देने की प्लानिंग की थी ताकि उनका बच्चा 20 वीं सदी को अलविदा और 21 सदी को हाय कहते हुए जन्मे और सबके लिए वह दिन और समय यादगार बन सके। 800 साल आई ऐसी तारीख: यह सच कि 800 साल बाद आया है इस तरह की तारीख का दुर्लभ दिन। शायद इसीलिए इसे बच्चे के यादगार जन्मदिन के रूप में संजोना चाहते हैं लोग।

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