mobileनई दिल्ली,   अब पुलिस, आगजनी आदि के कई इंमर्जेंसी नंबरों को याद रखने या अपने मोबाइल अथवा डायरी में सेव करने के झंझट से हमें छुटकारा मिलने वाला है.

दरअसल, टेलिकॉम कमिशन ने टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) की एक अहम सिफारिश मान ली है. इसके तहत इन नंबरों की जगह सिर्फ एक नंबर 112 को इमर्जेंसी नंबर के तौर पर इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया था. एक बार यह नंबर इस्तेमाल में आ जाए तो फिर आपातकालीन स्थिति से निपटना बहुत आसान हो जाएगा. यानी, अब आप 112 पर कॉल कर किसी भी तरह की इमर्जेंसी वारदातों की रिपोर्टिंग कर संबंधित विभाग की सर्विस पा सकते हैं. अब आपराधिक घटनाओं, आगजनी, छेडख़ानी, स्वास्थ्य आदि से संबंधित आपातकालीन घटनाओं के लिए अलग-अलग नंबर पर कॉल करने की जरूरत नहीं होगी.