दो हजार से अधिक बेरोजगारों से ठगी

  • दिल्ली से किया गिरफ्तार

भोपाल,

साइबर क्राइम पुलिस ने फ र्जी कॉल सेंटर चलाने वाले दो आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. पकड़ाए आरोपियों में एक युवती है जो कॉल सेंटर की डायरेक्टर थी.

ये फर्जी वेवसाईट बनाकर बेरोजगारों को नौकरी देने का दावा करते थे. ये लोगों के एटीएम और क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरवा लेते थे, जिसके माध्यम से एटीएम व क्रेडिट कार्ड का ओटीपी हासिल कर एकाउंट से पैसा निकाल लेते थे. अभी तक दो हजार से ज्यादा लोगों से लाखों रुपए की ठगी कर चुके हैं.

इन्होंने मप्र के साथ ही अन्य कई राज्यों के बेरोजगारों से भी ठगी की है. बीते महीने एक छात्रा उनके पास नौकरी डॉट कॉम पर अपना प्रोफ ाइल अपडेट करवाने आई थी, जैसे ही पैसे जमा हुए डाटा डिक्लाइन हो गया और जानकारी समिट नहीं हो पाई. ऐसा होने के बाद नफ ीस ने अपना बैंलेंस चेक किया तो उसमें से पांच हजार कट गए.

पैसे बेवसाइट पर एक्सिस करने के बाद ही कट चुके थे. जब पैसे वापस नहीं आए तो नफ ीस ने साइबर क्राइम से इसकी शिकायत की.

मार्च के बाद काम समेटने की फि राक में थे

पुलिस जानकारी के अनुसारए ये दोनों अब तक दो हजार लोगों को अपना शिकार बनाकर लाखों रुपये की ठगी कर चुके थे. वे अपना मार्च तक टारगेट पूरा करके अपना कारोबार समेट कर भागने की फि राक में थे, लेकिन इसके पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों ने फर्जी कंपनी बना रखी थी, इसमें ऐसे युवक युवतियों को रखा जाता थो कॉलेज के छात्र होते थे, जिससे किसी को कोई शक नहीं हो.

पेमेंट करते ही साइट पर मिल जाती थी जानकारी

आरोपियों ने कंपनी में पंजीयन के लिए 199 रुपए शुल्क रखा था, बेरोजगारों द्वारा जैसे ही पेमेन्ट किया जाता तो वेवसाईट पर भरी जानकारी आरोपियों को तुरंत मेल के माध्यम से प्राप्त हो जाती थी. जिसके बाद वह लोगों के साथ ठगी कर लेते थे.

पुलिस के मुताबिक युवती पहले दूसरे गिरोह में काम करती थी, बाद में उसने खुद का नेटवर्क खड़ा कर लिया. युवती का नाम मोनिका उम्र 23 वर्ष निवासी मोतीनगर दिल्ली की है, उसने 12वीं तक पढ़ाई की है. वहीं नवीन कुमार उम्र 28 साल निवासी- ज्योतिनगर दिल्ली ने एमबीए किया हुआ है.

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