bankनयी दिल्ली,  छोटे सरकारी बैंकों के बड़े बैंकों में विलय के खिलाफ भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पाँच सहयोगी बैंकों के कर्मचारी मंगलवार को तथा पूरे देश के सभी बैंकों के कर्मचारी 13 जुलाई को हड़ताल करेंगे।

अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ(एआईबीईए)ने बताया कि सरकार को छोटे बैंकों का बड़े बैंकों में विलय करने की बजाय इस समय बैंकों की गैर-निष्पादित परिसंपत्ति(एनपीए)कम करने पर ध्यान देना चाहिये।

विलय से छोटे बैंकों के कर्मचारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने ही एसबीआई के पाँच सहयोगी बैंकों के उसमें विलय को मंजूरी दी थी।

एसबीआई के पाँच सहयोगी बैंक स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक आॅफ हैदराबाद,स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक आॅफ पटियाला तथा स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर हैं।

संघ का आरोप है कि सरकार कुछ और छोटे बैंकों का भी बड़े बैंकों में विलय करने की योजना बना रही है।

एआईबीईए के महासचिव सी.एच. वेंकटाचलम् ने बताया कि शुक्रवार को दिल्ली में मुख्य श्रमायुक्त के साथ सभी बैंकों के कर्मचारी संघ प्रतिनिधियों की बैठक हुई थी।

इसमें वित्तीय सेवाओं विभाग, वित्त मंत्रालय तथा भारतीय बैंक संघ के अधिकारियों और एसबीआई के पाँचों सहयोगी बैंकों के कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

श्रमायुक्त ने उनसे हड़ताल टालने की अपील की।

इस पर कर्मचारी संघों ने कहा कि यदि सरकार एसबीआई सहयोगी बैंकों के विलय की योजना टाल दे तो वे भी हड़ताल टाल देंगे।

श्री वेंकटाचलम् ने कहा कि उन्हें सरकार की ओर से कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला है और इसलिए 12 और 13 जुलाई की हड़ताल पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार होगी।

बैंक अधिकारियों के संगठन एआईबीओसी के महासचिव हरविंदर सिंह ने बताया कि कोई भी अधिकारी हड़ताल में शामिल नहीं हो रहा है।

Related Posts: