पटवारी पर लोकायुक्त की कार्रवाई

उज्जैन, 26 मार्च. लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तराना के पटवारी के घर सोमवार की अलसुबह दबिश दी और 4 करोड़ की अनुपातहीन सम्पत्ति का खुलासा किया. 25 वर्ष नौकरी करने के बाद 15 लाख रूपए पटवारी की तनख्वाह बनती थी लेकिन जब लोकायुक्त पुलिस टीम ने जांच की तो पटवारी चार करोड़ी निकाला. लोकायुक्त टीम ने पटवारी के निवास पर दबिश देकर अनुपातहीन सम्पत्ति का ब्योरा जुटाया.

डीएसपी (लोकायुक्त) ओ.पी. सागोरिया के मुताबिक इंदिरानगर निवासी बाबूलाल गोमर जो कि तराना के हल्का नं. 3 का पटवारी है के घर दबिश देकर अनुपातहीन सम्पत्ति का ब्योरा जुटाया गया है. बताया जाता है कि पटवारी गोमर 25 वर्षों से इस कार्य में पदस्थ है. लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत कई दिनों से मिल रही थी. लोकायुक्त ने रणनीति बनाकर दबिश दी और भ्रष्टाचार पटवारी बाबूलाल गोमर के चेहरे को बेनकाब किया. फिलहाल लोकायुक्त पुलिस की जांच जारी है.

तराना तहसील में नियुक्त है पटवारी

लोकायुक्त पुलिस सूत्रों ने बताया कि  गोमे के इंदिरा नगर स्थित आवास पर छापे की कार्रवाई सोमवार सुबह से शुरू की गई. कार्रवाई के दौरान मकान, जमीन, पूंजी निवेश और कीमती आभूषण की जांच में वर्तमान मूल्यों के अनुसार साढ़े तीन करोड़ रुपए से अधिक अनुपातहीन संपत्ति का पता लगाया.

पड़ोसी के घर छिपाई दौलत
सूत्रों ने बताया कि पटवारी गोमे ने इसके पूर्व लोकायुक्त छापे के डर के कारण पूर्व में इंदिरा नगर के अपने पड़ोसी के यहां कीमती सामान पेटी में भर कर रख दिया था और वह पेटी पड़ोसी के यहां चोरी हो गई थी. इसकी रिपोर्ट चिमनगंज पुलिस में दर्ज है और चोरी करने वाले भी पुलिस की गिरफ्त में हैं.

अब तक मिली सम्पत्ति
कार्रवाई में गोमे के पास दो मंजिला मकान, 30 बीघा से ज्यादा जमीन व लाखों रुपये के जेवरात के बारे में पता चला है. लोकायुक्त पुलिस के डीएसपी ओ. पी. सागौरिया के अनुसार गोमें ने कुछ जेवरात अपने रिश्तेदार के आवास पर भी छुपा रखे थे. प्रारम्भिक तौर पर 4 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी का पता चला है.

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