भोपाल,16 दिसंबर.   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सर्वोच्च 7 प्राथमिकताओं में से एक है, सुरक्षा कानून एवं व्यवस्था. इस प्राथमिकता को पूरा करने के उद्देश्य से ही शासन द्वारा पुलिस बल में जनसंख्या वृद्धि के अनुपात में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है.

इसी निर्णय के तहत गृह विभाग द्वारा वर्ष 2003 से 2011 तक 18 हजार 705 आरक्षकों की भर्ती की गयी. इसके साथ ही 1223 पुलिस उप निरीक्षकों की भर्ती भी की गई. गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि 2003 में लगभग 17 हजार पुलिस बल की कमी थी. वर्तमान में इस कमी को पूरा करने के साथ ही पूरी पारदर्शिता के साथ अतिरिक्त पुलिस बल की भर्ती भी की गयी है. पुलिस बल को जनसंख्या वृद्धि के साथ जोड़ देने से अब लगातार पुलिस बल में वृद्धि के लिए नियुक्तियाँ की जाएँगी. विधानसभा के विशेष सत्र में पारित 70 संकल्पों में से 55वाँ संकल्प भी पुलिस बल में चरणबद्ध तरीके से वृद्धि से संबंधित है. इन भर्तियों के माध्यम से शासन द्वारा यह संकल्प पूरा किया गया है. प्रदेश में वर्ष 2003 से वर्ष 2011 तक की गयी 18 हजार 705 आरक्षकों की भर्तियों में से वर्ष 2003 में 853, वर्ष 2004 में 1749, वर्ष 2005 में 2319, वर्ष 2006 में 831, वर्ष 2007 में 2918, वर्ष 2008 में 1497, वर्ष 2009 में 1548, वर्ष 2010 में 2670 और 2011 में 4320 आरक्षकों की भर्ती पूरी पारदर्शिता के साथ की गयी. इसी तरह वर्ष 2005 में 415 एवं वर्ष 2007 में 293 उपनिरीक्षकों की भर्ती हो चुकी है और वर्ष 2011 में 515 उप निरीक्षकों की भर्ती की कार्यवाही जारी है.

भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता

पुलिस उप निरीक्षकों और आरक्षकों की भर्ती पूरी पारदर्शिता के साथ चार चरणों में होती है. पुलिस उप निरीक्षक के लिये सर्वप्रथम व्यापम से लिखित परीक्षा, फिर शारीरिक नाप-जोख, शारीरिक प्रवीणता और साक्षात्कार के माध्यम से अंतिम चयन होता है. पुलिस एक्ट 1861 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश पुलिस कार्यपालिक (राजपत्रित सेवा भर्ती एवं पदोन्नति) नियम 1997 के तहत पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में गठित 10 वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की समिति द्वारा उप निरीक्षकों की भर्ती की जाती है. वर्तमान में अध्यक्ष पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन श्री बी.एम. कँवर समिति के अध्यक्ष हैं. आरक्षकों की भर्ती भी प्रदेश के 11 जोन में जोनल पुलिस महानिरीक्षक की देखरेख में होती है. प्रथम चरण में उम्मीदवारों की शारीरिक नाप-जोख जिला स्तर पर, फिर शारीरिक प्रवीणता रेंज मुख्यालय में और लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार जोन मुख्यालय में उप पुलिस महानिरीक्षक की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाता है. इसी प्रकार विशेष सशस्त्र बलों की भर्ती इसके चार जोन मुख्यालयों पर और दूरसंचार के आरक्षकों की भर्ती भोपाल में होती है. शारीरिक नाप-जोख एवं शारीरिक प्रवीणता परीक्षा सहित सभी चरणों की वीडियोग्राफी भी कराई जाती है.

टेली-समाधान केन्द्र से जोड़ा
पुलिस से संबंधित शिकायतें सीधे टेलीफोन से करने के लिए पुलिस विभाग को टेली-समाधान केन्द्र से जोड़ा गया. अब कोई भी व्यक्ति टोल-फ्री नम्बर 0755-155343 पर पुलिस से संबंधित शिकायत कर सकता है. उसकी शिकायत का निराकरण समय-सीमा में किया जायेगा.

जनोन्मुखी पुलिस
पुलिस को जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से गृह मंत्री ने निर्देशित किया है कि थाना स्तर पर निर्धारित समय में गणमाण्य नागरिकों की बैठक बुलायी जाये. बैठक में आने वाले सुझावों पर अमल भी किया जाये. इसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं.

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