नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। टू जी स्पेक्ट्रम मामले में पूर्व दूरंसचार मंत्री ए राजा, द्रमुक सांसद कनिमोरी और 15 अन्य के खिलाफ आरोप तय करने के बारे में दिल्ली की एक अदालत अपना फैसला 22 अक्टूबर को सुनाएगी।

सीबीआई के विशेष जज ओ पी सैनी ने अपना आदेश सुरक्षित रखते हुए कहा कि आरोप तय करने के बारे में फैसला 22 अक्टूबर को सुनाया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद ही इस आपराधिक मामले में औपचारिक सुनवाई शुरू होगी। इसी प्रक्रिया में अदालत तय करेगी कि किस आरोपी के खिलाफ सुनवाई के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह द्रमुक सांसद कनिमोरी सहित विभिन्न आरोपियों के जमानत संबंधी आवेदनों पर 24 अक्टूबर से पुन: सुनवाई करेगी। अदालत ने अपना आदेश विशेष सरकारी वकील यू ललित की दलीलों के समाप्त होने के बाद सुरक्षित रखा। ललित ने सभी 17 आरोपियों के खिलाफ विश्वास के उल्लंघन संबंधी अतिरिक्त आरोप लगाने के बारे में दलीलें दीं। टू जी मामले में आरोपियों के खिलाफ सुनवाई के लिए विशेष अदालत गठित की गई थी।

इस मामले की निगरानी कर रही सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कल सीबीआई से पूछा था कि आरोपियों को कब तक जेल में रखा जाएगा। पीठ ने कहा था कि सवाल यह है कि कितने दिन तक आरोपी जेल में रहेंगे क्योंकि सुनवाई अभी शुरू नहीं हुई है। क्या यह सात साल में खत्म होगी। पीठ ने पाया कि आरोपी सात माह से अधिक समय से जेल में हैं जबकि अदालत मामले में अब तक आरोप तय करने के बारे में भी फैसला नहीं दे पाई है। राजा और कनिमोरी के अलावा इस मामले के अन्य अभियुक्तों में राजा के पूर्व निजी सचिव आर.के चंदोलिया, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, द्रमुक के स्वामित्व वाले कलैंगनार टेलीविजन के प्रबंध निदेशक शरद कुमार, हिंदी फिल्म निर्माता करीम मोरानी और रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के कार्यकारी अधिकारी हरी नायर, गौतम दोशी व सुरेंद्र पिपारा शामिल हैं।

इनके अलावा रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड, स्वान टेलीकॉम और यूनीटेक [तमिलनाडु] वायरलेस लिमिटेड के अतिरिक्त इस मामले में कुछ अन्य लोगों पर भी आरोप लगाए गए हैं। इनमें स्वान टेलीकॉम के शाहिद उस्मान बलवा, उनके भाई आसिफ बलवा और उनके सहयोगी राजीव अग्रवाल के अलावा यूनीटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा और डी बी रियलिटी के प्रबंध निदेशक विनोद गोयनका शामिल हैं।

Related Posts: