21bph06ब्यावरा 21 अगस्त, का. दूधी पुल को स्थाई तौर पर दुरूस्त करने के लिये अब सीमेंट कांक्रीट ही एकमात्र हल बचा है. डामर के प्रयोग लगातार असफल होने पर अंतत: एनएचएआई ने दूधी पुल के ऊपर सीमेंट कांक्रीट का मजबूत स्लैब डालने का निर्णय ले लिया है.

रक्षाबंधन के बाद इसका कभी भी कार्य शुरू हो सकता है . काम शुरू होने के साथ ही करीब 20 दिनो तक ए.बी. रोड़ पर यातायात पूर्णतय: प्रतिबंधित करने की संभावना है.

उल्लेखनीय है कि एनएचएआई ने जुलाई माह में अधिक वर्षा से नष्ट हुई दूधी पुल की सड़क पर आरसीसी का स्लेब डालने का निर्णय लिया था लेकिन यातायात को अधिक दिनो तक बाधित रखने से होने वाली परेशानी को देखते हुए डामरीकरण करने का निर्णय लिया था. किन्तु बारिश के नहीं थमने से भारी वाहनो ने दूधी पुल पर बनाई गई डामर की नई सड़क को 24 घंटे के अंदर ही तबाह कर दिया था.
समस्या जस की तस बनी रहने से परेशान एनएचएआई के प्रोजेक्ट आफिसर ने भू-तल परिवहन मंत्रालय को सीसी रोड़ का प्रस्ताव भेजा था जिसे स्वीकार कर लिया है.

रक्षाबंधन के बाद कभी भी शुरू हो सकता है काम
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री बालाचन्द्रन ने बताया कि दूधी पुल का कार्य रक्षाबंधन के बाद कभी भी शुरू किया जा सकता है. इसके लिये समस्त औपचारिकता पूर्ण कर ली गई है. हर बारिश में जर्जर हो जाने वाले इस पुल के मार्ग को स्थायी तौर पर दुरुस्त करने के लिये आरसीसी का उपयोग करना ही एकमात्र विकल्प बचा है. इस पर करीब 40 लाख खर्च होना संभव है. आरसीसी की स्लेब डालने में कम से कम एक से डेढ़ माह तक दूधी पुल 20-22 दिनो तक मार्ग अवरूद्ध होना तय है.

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