12nn6भोपाल,12 जून,नभासं. प्रदेश में वर्ष 2020 तक 20 हजार मेगावॉट ऊर्जा नवकरणीय क्षेत्र से पैदा की जायेगी. इसके लिये प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जायेगा. इसके लिए निवेशकों को राज्य सरकार हरसंभव सहयोग देगी.

इस आशय का भरोसा नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राजेंद्र शुक्ल द्वारा भोपाल में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिये निवेशकों के साथ रि-इन्वेस्ट को लेकर हुई बैठक में दिया गया.

रि-इन्वेस्ट में निवेशकों को मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में नवकरणीय ऊर्जा परियोजना के लिये दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गयी. मध्यप्रदेश में वर्ष 2014 में ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 12 हजार मेगावॉट की 194 परियोजना के लिये एक लाख 13 हजार 78 करोड़ के करारनामे किये गये हैं.

2010 में अलग विभाग बनने के बाद 2012 में नवकरणीय ऊर्जा परियोजना की कुल स्थापित क्षमता 438 मेगावॉट थी, जो अब बढ़कर लगभग 1600 मेगावॉट हो गई है. प्रदेश ने इस क्षेत्र में वर्ष 2012 की तुलना में 360 प्रतिशत की उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है.

कलेक्टर देंगे जमीन
प्रमुख सचिव नवकरणीय ऊर्जा एवं प्रबंध संचालक ऊर्जा विकास निगम मनु श्रीवास्तव ने बताया कि परियोजना के लिये भूमि आवंटन के अधिकार जिला कलेक्टर को दिये गये हैं. इसके लिये निवेशकों को इस क्षेत्र में आकर्षित करने प्रयास किये जा रहे हैं.

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