ओबीसी घोटाला

  • बैंक ने उन्हें अगस्त, 2017 में शिकायत सौंपी थी
  • सीबीआई ने तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की
  • बैंक ने तीन साल तक इंतजार किया-सीबीआई

नई दिल्ली,

पीएनबी के बाद ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से फ्रॉड करने वाले भी देश छोडक़र भाग गए हैं. दिल्ली स्थित जूलरी आउटलेट द्वारका दास सेठ इंटरनैशनल के डायरेक्टर्स ने अपने परिवार समेत देश ही छोड़ दिया है.

इन लोगों पर बैंक से 390 करोड़ रुपये कर्ज लेकर डकारने का आरोप है. सीबीआई ने जांच के बाद बताया है कि कंपनी के डायरेक्टर्स ने 2014 में देश छोड़ दिया था. एजेंसी ने कहा कि बैंक ने इसके काफी दिनों के बाद यानी अगस्त 2017 में सीबीआई के पास 390 करोड़ रुपये के फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई थी.

एजेंसी के सूत्रों ने स्वीकार किया कि बैंक ने उन्हें अगस्त, 2017 में शिकायत सौंपी थी, लेकिन सीबीआई ने इस पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की. केंद्रीय सतर्कता आयोग की गाइडलाइंस के मुताबिक सरकारी क्षेत्र के बैंकों में एक करोड़ या उससे अधिक की राशि के फ्रॉड के मामले में एजेंसी को तुरंत एफआईआर दर्ज करनी चाहिए.

सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने तत्काल इस मामले की जांच की थी. फ्रॉड के मुख्य आरोपी सभ्य सेठ और अन्य लोगों के खिलाफ एजेंसी ने तत्काल जांच शुरू की थी, लेकिन इन लोगों के न पाए जाने पर इस केस को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.

ईडी ने 16 बैंकों से मांगा ऋण विवरण

प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब नेशनल बैंक में 11400 करोड़ रुपए के घोटाले के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के 16 बैंकों से नीरव मोदी तथा मेहुल चोकसी को दिए ऋणों का विवरण मांगा है.निदेशालय ने बैंकों से ऋण का विवरण देने के साथ ही यह सूचना भी देने को कहा है कि किस काम के लिए उन्हें ऋण दिया गया है.

अनुमान लगाया जा रहा है कि नीरव तथा मेहुल की कंपनियों ने सार्वजनिक बैंकों में 20 हजार करोड रुपए से ज्यादा का घोटाला किया है. निदेशालय ने यह नोटिस बैंक ऋण दिए जाने में नियमों का पालन नहीं करने और अनियमितता बरतने के आरोपों को संज्ञान में लेते हुए दिया है.

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