• भ्रष्टाचार का मामला जारी, रुपए वापस न देने पर जान से मारने की मिली धमकी पर आईजी पीए ने की आत्महत्या

भोपाल, 4 अक्टूबर. होशंगाबाद आईजी विजय कटारिया के निजी सचिव अरुण तिवारी द्वारा की गई आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो गया है. इस मामले में सीबीआई के कर्मचारी मनोज एवं दो वकील विनोद पांडे, के.टी. पंचौली के माध्यम से बैंक मैनेजर से मामला रुरफा-दफा करने के लिये 32 लाख 50 हजार रुपये लिये थे. उक्त आरोपयों द्वारा राशि वापस करने के बजाय धमकी देने की वजह से अरुण ने आत्महत्या कर ली.

पुलिस के अनुसार सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक बसंत पावसे के खिलाफ वर्ष 2010 में सीबीआई ने ऋण घोटाले में भ्रष्टïचार का प्रकरण दर्ज कर लिया था. साथ ही मैनेजर के घर पर छापामार कार्यवाही की. इसके अलावा उन्हें निलंबित कर दिया था. इस मामले में सीबीआई के कर्मचारी मनोज, वकील विनोद पांडे और के.टी. पंचौली ने अरुण तिवारी के माध्यम से बैंक मैनेजर के मामले में सीबीआई मुख्यालय द्वारा खत्म कराने के लिये 32 लाख 50 हजार रुपये लिये थे.

इधर सीबीआई द्वारा बैंक मैनेजर के खिलाफ दर्ज प्रकरणों में अनुसंधान पूरा होने के बाद न्यायालय में चालान पेश कर दिया गया. जब यह बात मैनेजर बसंत पावसे को पता चली तो उन्होंने अरुण पर ली गई राशि वापस करने के लिये दबाव बनाया. जान से मारने की धमकी- अरुण गत तीन महीने से आरोपी से राशि वापसी की मांग कर रहा था लेकिन आरोपी द्वारा उक्त राशि वापस न कर बल्कि अरुण को जान से मारने की धमकी दी जा रही थी. इस घटना के एक दिन पूर्व भी आरोपियों द्वारा अरुण को टेलीफोन पर रुपये वापस नहीं करने की बात कही और जान से मारने की धमकी दी थी. भारी भरकम राशि के हेरफेर में उलझे अरुण ने अंत में परेशान होकर सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली. बाग सेवनिया थाना प्रभारी सी.पी. द्विवेदी के अनुसार सीबीआई कर्मचारी मनोज, एडवोकेट पांडे और के.टी. पंचौली के खिलाफ आत्महत्या के लिये प्रेरित करना और आपराधिक धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. साथ ही फरार तीन आरोपी की तलाश भी शुरू कर दी है.

इनका कहना है- विजय यादव आईजी भोपाल ने कहा कि सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर के खिलाफ सीबीआई में दर्ज प्रकरण में 32 लाख 50 हजर रुपये के लेन-देन के हेरफेर में अरुण ने सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली है. इस प्रकरण के आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिये प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है. साथ ही फरार आरोपियों की तलाश भी शुरू कर दी है. मनोहर ङ्क्षसह वर्मा एएसपी ने कहा किसेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर पावसे के खिलाफ सीबीआई कर्मचारी मनोज समेत दो लोगों को 32 लाख 50 हजार रुपये दिये थे. उक्त रुपये वापस करने के लिये अरुण को जान से मारने की धमकी अक्सर मिल रही थी.

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