आणंद, 9 अप्रैल. गुजरात में आणंद स्थित एक अदालत ने वर्ष 2002 के गोधरा ट्रेन अग्निकांड के बाद हुए दंगों के दौरान ओड गांव में हुए हत्याकांड मामले में सोमवार को  23 लोगों को दोषी ठहराने के साथ ही सबूत के अभाव में इतने ही लोगों को बरी कर दिया.

फैसला जिला एवं सत्र अदालत की न्यायाधीश पूनम सिंह ने सुनाया. अदालत दोषी ठहराये गए लोगों को सजा 12 अप्रैल को सुनाएगी. दंगा मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने की. गोधरा ट्रेन अग्निकांड की घटना के बाद एक मार्च 2002 को ओडे गांव के पिरावली भगोल क्षेत्र में स्थित एक घर में अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं और बच्चों सहित 23 लोगों को जिंदा जला दिया गया था. इस मामले में कुल मिलाकर 47 लोग आरोपी थे लेकिन सुनवायी के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी. विशेष लोक अभियोजक पी एन परमार ने कहा कि 150 गवाहों की गवाही हो चुकी है तथा 170 से अधिक दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के समक्ष रखे गए हैं.

इसकी सुनवाई वर्ष 2009 के अंत में शुरू हुई थी. मामले की सुनवायी पूरी होने को थी लेकिन इसी दौरान सुनवायी करने वाले न्यायाधीश ने मई 2011 में व्यक्तिगत कारण बताते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे दिया. इसके बाद इस मामले में सिंह को न्यायाधीश नियुक्त किया गया और उनके समक्ष सभी जिरह फिर से हुई.

मोदी समर्थकों-विरोधियो में छिड़ी साइबर जंग
अहमदाबाद. गुजरात विधानसभा चुनाव से आठ महीने पहले साइबर जगत राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके विरोधियों के बीच जंग का मैदान बन गया है. सोशल साइट जैसे फेसबुक और ट्विटर, ब्लाग, ईमेल, वेबसाइट, वीडियो अपलोड करने वाली साइटें और सभी संभव इंटरनेट माध्यमों का इस्तेमाल इंटरनेट इस्तेमालकर्ताओं विशेष रूप से युवाओं को मोदी की ओर आकषिर्त करने के लिए किया जा रहा है.

कांग्रेस सहित उनके अन्य विरोधी भी साइबर माध्यमों में मोदी की ओर से उठाये जाने वाले सभी कदमों का जवाब देने में पीछे नहीं रहना चाहते. इसके साथ ही मोदी का विरोध करने वाले कुछ गैर सरकारी संगठन भी उनके खिलाफ इंटरनेट पर चलाये जाने वाले अभियान में शामिल हैं. दोनों पक्षों के बीच ताजा मुकाबले का मुख्य बिंदु ‘टाइमÓ पत्रिका की ओर से 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची चुनने के लिए कराया गया आनलाइन सर्वेक्षण रहा.

पत्रिका ने मोदी के साक्षात्कार के बाद उन्हें शीर्ष 100 प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची के लिए नामांकित करने के बाद उनका नाम मतदान के लिए डाल दिया. मोदी पहले कुछ दिनों तक सकारात्मक मतों के मामले में आगे रहे लेकिन उसके बाद उनके विरोधी सक्रिय हुए और उन्हें सबसे अधिक नकारात्मक मत मिले. 256792 सकारात्मक मतों के साथ वह अभी भी तीसरे स्थान पर हैं लेकिन उन्हें 266684 नकारात्मक मत मिले हैं जो कि सकारात्मक मतों से अधिक हैं. दोशी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी इकाई की निगरानी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजरुन मोढवाडिय़ा करते है. इकाई को सोशल नेटवर्किंग साइटों का अधिकतम इस्तेमाल करने, नेताओं के भाषणों को यूट्यूब पर डालने तथा मोदी तथा भाजपा के बारे में नकरात्मक खबरों को अधिक से अधिक लोगों को ईमेल करने को कहा गया है.

हमने हाल में गुजरात कांग्रेस की वेबसाइट को पुन: जारी किया है जिसमें मोदी के 10 वर्ष के कुशासन के नकारात्मक बिंदुओं को रेखांकित किया गया है. हमने जिला स्तर पर मोदी के प्रचार का जवाब देने के लिए जिला सूचना प्रौद्योगिकी इकाइयां स्थापित की हैं.Ó गुजरात भाजपा के प्रमुख प्रवक्ता जगदीश भावसार ने कहा, ‘मोदी ने आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए हाल में अपनी वेबसाइट नरेंद्रमोदीडाटइन को नया स्वरूप दिया है. अब वेबसाइट और अधिक जीवंत है. प्रदेश भाजपा ने विधानसभा चुनावों के लिए राज्य के युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए ईमेल, वेबसाइटों और ब्लागों के जरिये वेबसाइट का अधिक इस्तेमाल करने का निर्णय किया है.

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