20as6बिजली दरें नहीं बढ़ें इसके लिये आम लोगों व राजनीतिक दलों ने दर्ज कराया विरोध, 

भोपाल,20 मार्च,नभासं. बिजली वितरण कंपनियों द्वारा बिजली की मौजूदा दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव का शुक्रवार को विद्युत नियामक आयोग में विरोध किया गया. शुक्रवार को इस मामले में 27 लोगों ने विद्युत नियामक आयोग के सामने पहुंच कर आपत्ति दर्ज कराई.

एक महिला की ओर से बिल की लिखावट कुछ ही दिन में साफ हो जाने को नया घोटाला बताते हुए इसकी जांच की मांग की गई. उसने कहा कि उपभोक्ता के पास कोई रिकॉर्ड ही नहीं बचता, जिससे वह बिजली कंपनियों द्वारा की जा रही गड़बडियों की शिकायत को पकड़ा जा सके. विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष देवराज बिरदी ने बिजली कंपनियों के प्रस्ताव पर प्रशासन अकादमी में लोगों की आपत्तियों की सुनवाई की. उधर, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित कई बिजली उपभोक्ता भी शिकायत लेकर सुनवाई में पहुंचे. कांग्रेस और आप ने आयोग पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावी सालों के दरमियान 2008 व 2013 में वोट के लिए बिजली की दरें नहीं बढ़ाई गई और अब चुनाव खत्म होते ही यह दरें बढ़ाने की तैयारी में हैं.

आंग्ल भाषा पर आपत्ति
नियामक आयोग की सुनवाई के दौरान बिजली कंपनी द्वारा हिन्दी में दी गई शिकायत का जवाब अंग्रेजी में देने का मामला भी पहुंचा. इस पर मुलताई के जयकृष्ण चंदेल ने बिजली कंपनी पर राष्ट्रभाषा हिंदी के अपमान का आरोप लगाया. उन्होंने बताया कि हिंदी में एक शिकायत बिजली कंपनी को भेजी थी, लेकिन वहां से जवाब अंग्रेजी में दिया गया. इस मामले में अध्यक्ष बिरदी ने आपत्ति जताई और इसे गलत बताते हुए मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी विवेक पोरवाल की ओर इशारा करते हुए ऐसा फिर न हो इसका ध्यान रखने को कहा.

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