hadtal00नयी दिल्ली, 2 सितंबर . प्रमुख केंद्रीय श्रमिक संगठनों की आज की देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग, कोयला, सीमेंट, बिजली आपूर्ति, तेल एवं गैस परिवहन, भंडारण और बंदरगाह आदि क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित होने से तकरीबन 25 हजार करोड़ रूपए के नुकसान का अनुमान है। उद्योग संगठनों का कहना है कि श्रमिक संगठनों की एक दिन की हड़ताल से करोड़ों रुपए का नुकसान होने का अनुमान है।

श्रम संगठनों की एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल से देश के विभिन्न हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। हड़ताल का सबसे अधिक असर कोयला उत्पादन, बैंकिंग कामकाज और परिवहन सेवाओं पर देखने को मिला। पश्चिम बंगाल में हड़ताल के दौरान हिंसक संघर्ष भी हुआ, जिसमें 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।

यूनियन नेताओं ने दावा किया कि संगठित क्षेत्र के करीब 15 करोड़ कर्मचारी हड़ताल पर रहे। श्रम कानूनों में प्रस्तावित बदलाव और सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश के खिलाफ 10 केंद्रीय श्रम संगठनों ने हड़ताल का आह्वान किया था। भाजपा के समर्थन वाली भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस (तथा एनएफआईटीयू हालांकि हड़ताल में शामिल नहीं हुईं। हड़ताल का सबसे अधिक असर पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, केरल, कर्नाटक, पुडुचेरी और ओड़िशा में देखने को मिला।