planeनई दिल्ली, नई सिविल एविएशन पॉलिसी का ड्राफ्ट जारी किया. ड्राफ्ट में रीजनल (घरेलू) एयर कनेक्टिविटी को बढावा देने पर जोर दिया गया है. इसके मुताबिक, रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत उडान का खर्च 2500 रूपए प्रति घंटे से ज्यादा नहीं होगा. सरकार ने रीजनल उडानों के लिए जेट फ्यूल पर कस्टम ड्यूटी नहीं लगाने प्रस्ताव भी रखा है. इस पॉलिसी के एकबार फाइनल हो जाने पर घरेलू एविएशन सेक्टर में एफडीआई की लिमिट 49 फीसदी से अधिक हो सकती है.

नई पॉलिसी 1 अप्रैल 2016 से लागू होगी. एविएशन सेक्रेट्री वी. सोमसुंदरम ने ड्राफ्ट पॉलिसी का डिटेल जारी करते हुए बताया कि 300 बंद पडे एयरपोर्ट्स का इस्तेमाल शुरू किया जाएगा. हर एयरपोर्ट पर 50 करोड रूपए खर्च होंगे. 2022 तक घरेलू पैसेंजर्स की तादाद चार गुनी बढाने का टारगेट रखा गया है. 30 करोड लोकल फ्लाइंग टिकट बेचे जाने की योजना है.

ड्राफ्ट पॉलिसी में कहा गया है कि एटीएफ या जेट फ्यूल महंगा होने की स्थिति में सरकार मदद करेगी. बता दें कि नई एविएशन पॉलिसी का ड्राफ्ट जारी होने के बाद इस सेक्टर की कंपनियों के स्टॉक्स में तेजी देखने को मिली.

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