मप्र के इतिहास में पहली बार नया कदम

चतुर्वेदी-परुलेकर की सदस्यता होगी बहाल

भोपाल, 24 जुलाई, नभासं. राज्य में कांग्रेस पार्टी के दो विधायकों चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी और कल्पना परुलेकर की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के अभूतपूर्व घटनाक्रम के बाद अब इनकी सदस्यता बहाली के लिए विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 27 जुलाई को बुलाया जा रहा है.

विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी ने  बताया कि विपक्ष नेता अजय सिंह के विशेष सत्र बुलाने और बर्खास्त विधायक चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी और सुश्री कल्पना परूलेकर द्वारा अपने आचरण के लिए प्रायश्चित करते हुए सदस्यता बहाल करने के दिए गए अनुरोध पत्र पर विधि और संविधान विशेषज्ञों तथा चुनाव आयोग से विचार विमर्श करने के बाद विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 27 जुलाई सुबह 10.30 बजे से आहूत करने का निर्णय लिया गया है. इसमें केवल कांग्रेस के इन दो बर्खास्त विधायकों की सदस्यता बहाल करने के प्रस्ताव पर चर्चा की जायेगी. इनकी बहाली के संबंध में चुनाव आयोग से भी विचार विमर्श किया गया है. जिसमें यह स्पष्ट हो गया है कि जिस प्रकार से सदन ने इनकी सदस्यता समाप्त की थी.

उसी प्रकार यदि सदन इनकी सदस्यता बहाली का प्रस्ताव पारित करता है तो आयोग इनकी सदस्यता बहाल मानते हुए इनके विधानसभा क्षेत्र को रिक्त नही होने की अधिसूचना जारी कर देगा. उन्होंने और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अलग,अलग राज्यपाल रामनरेश यादव से सौजन्य भेंट की थी. इसके बाद मुख्यमंत्री संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा,उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय,पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव और पशुपालन मंत्री अजय विश्नोई के साथ  विचार विमर्श करने के बाद विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया. रोहाणी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस नेताओं का यह आरोप निराधार है कि इन दो कांग्रेस नेताओं ने अपने आचरण के लिए खेद व्यक्त नहीं किया है.

उन्होंने कहा कि इनकी सदस्यता की बहाली के लिए विपक्ष के नेता ने विशेष सत्र बुलाकर पुनर्विचार करने और इन दो कांग्रेस नेताओं ने अपने आचरण के लिए खेद व्यक्त करते हुए सदस्यता बहाली के लिए उन्हें एक पत्र प्रेषित किया है.जो रिकार्ड में दर्ज हो गया है. इनकी सदस्यता बहाली के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधानसभा उपाध्यक्ष हरवंश सिंह भी काफी सक्रिय थे और विचार विमर्श करते रहे. विधानसभा अध्यक्ष रोहाणी ने कहा कि हमारे देश का लोकतंत्र परिपक्व होने के साथ बडी उदारता वाला है. इसमें चिंतन करने की पूरी गुंजाइश है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में परंपराएं भी अपना काम करती हैं. उन्होंने इन दो नेताओं की सदस्यता समाप्त होने का मामला मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के सवाल पर कहा कि न्यायालय ने इनकी याचिका पर स्थगन नहीं दिया है और न ही याचिका को स्वीकार किया है इसलिए यह मामला न्यायाधीन नहीं है. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका का अपना काम और विधायिका का अपना काम है. इस मामले में विधायिका को अपना काम करने में कोई बाधा नहीं है.

मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष के साथ बैठक समाप्त होने के बाद कहा कि गत 17 जुलाई को प्रदेश की विधानसभा में आसंदी का अपमान करने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई थी. इसके अगले दिन इस मामले में कांग्रेस के इन दो विधायकों की सदस्यता समाप्त करने का निर्णय सदन में लिया गया था. उन्होंने कहा कि सदन के नेता के रूप में इस निर्णय से उन्हें भी दुख हुआ था. उन्होंने कहा कि इन दो कांग्रेस नेताओं की सदस्यता बहाली पर पुनर्विचार करने का आग्रह करते हुए विपक्ष के नेता अजय सिंह,विधानसभा उपाध्यक्ष हरवंश सिंह,कांग्रेस विधायक दल के सचेतक एन. प्रजापति,वरिष्ठ विधायक डॉ गोविंद सिंह,आरिफ अकील सहित अन्य कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के साथ उनसे मुलाकात कर चर्चा की थी. इसके साथ ही इन दो बर्खास्त विधायकों ने भी घटनाक्रम पर खेद व्यक्त करते हुए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले पर पुनर्विचार और विशेषज्ञों से सलाह मशविरा करने के बाद रोहाणी के साथ बैठक कर विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विधानसभा मंदिर के समान है. सदन में वैचारिक मतभेद हो सकते है लेकिन इसमें व्यक्तिगत आरोपों के लिए कोई स्थान नहीं है. संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि विपक्ष के नेता और बर्खास्त विधायकों के खेद व्यक्त करने के पत्र के आधार पर संसदीय कार्य विभाग ने आज इस मामले में पुनर्विचार कर संकल्प पर विचार करने के लिए विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 27 जुलाई को आहूत करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र प्रेषित कर दिया है. इस सत्र में केवल इन दो नेताओं की सदस्यता की बहाली के प्रस्ताव पर विचार किया जायेगा.उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से गत 18 जुलाई को उनके द्वारा संसदीय कार्य मंत्री के रूप में सदन में इन दो सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव पेश किया गया था.ठीक उसी तरह उनके द्वारा इनकी बहाली का प्रस्ताव विशेष सत्र में लाया जायेगा.

विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले पर पुनर्विचार और विशेषज्ञों से सलाह मशविरा करने के बाद श्री रोहाणी के साथ बैठक कर विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विधानसभा मंदिर के समान है. सदन में वैचारिक मतभेद हो सकते है लेकिन इसमें व्यक्तिगत आरोपों के लिए कोई स्थान नहीं है.

कानूनी बाधा नहीं

विधानसभा अध्यक्ष श्री रोहाणी ने कहा कि हमारे देश का लोकतंत्र परिपक्व होने के साथ बडी उदारता वाला है. इसमें चिंतन करने की पूरी गुंजाइश है. उन्होंने मामला मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के सवाल पर कहा कि  यह मामला न्यायाधीन नहीं है. न्यायपालिका का अपना काम और विधायिका का अपना काम है. इस मामले में विधायिका को अपना काम करने में कोई बाधा नहीं है. मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विधानसभा अध्यक्ष के साथ बैठक समाप्त होने के बाद कहा कि गत 17 जुलाई को प्रदेश की विधानसभा में आसंदी का अपमान करने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई थी.

इसके अगले दिन इस मामले में कांग्रेस के इन दो विधायकों की सदस्यता समाप्त करने का निर्णय सदन लिया था. सदन के नेता के रूप में इस निर्णय से उन्हें भी दु:ख हुआ था. उन्होंने कहा कि इन दो कांग्रेस नेताओं की सदस्यता बहाली पर पुनर्विचार करने का आग्रह करते हुए विपक्ष के नेता अजय सिंह, विधानसभा उपाध्यक्ष हरवंश सिंह, कांग्रेस विधायक दल के सचेतक एन. प्रजापति, वरिष्ठ विधायक डॉ गोविंद सिंह, आरिफ अकील सहित अन्य कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के साथ उनसे मुलाकात कर चर्चा की थी. इसके साथ ही इन दो बर्खास्त विधायकों ने भी घटनाक्रम पर खेद व्यक्त करते हुए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है.

संसदीय कार्य मंत्री श्री मिश्रा ने कहा कि विपक्ष के नेता और बर्खास्त विधायकों के खेद व्यक्त करने के पत्र के आधार पर संसदीय कार्य विभाग ने आज इस मामले में पुनर्विचार कर संकल्प पर विचार करने के लिए विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 27 जुलाई को आहूत करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र प्रेषित कर दिया है. इस सत्र में केवल इन दो नेताओं की सदस्यता की बहाली के प्रस्ताव पर विचार किया जायेगा. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से गत 18 जुलाई को उनके द्वारा संसदीय कार्य मंत्री के रूप में सदन में इन दो सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव पेश किया गया था, ठीक उसी तरह उनके द्वारा इनकी बहाली का प्रस्ताव विशेष सत्र में लाया जायेगा.

आरपार का मौका गंवाया

मप्र विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हजारीलाल रघुवंशी ने आज कहा कि कांग्रेस के दो विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के मुद्दे पर पुनर्विचार का प्रस्ताव रखकर और इसे मान लेने से कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार और अत्याचार के खिलाफ आरपार की लडाई लडने का बेहतरीन मौका गवां दिया है.

वरिष्ठ नेताओं से मिले अजय सिंह

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने पार्टी के वरिष्ठï नेताओं से मुलाकात कर राज्य में उत्पन्न ताजा राजनीतिक हालात पर चर्चा की है.  सूत्रों की माने तो श्री सिंह व प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया को आज पार्टी के प्रभारी महासचिव बी के हरिप्रसाद  से संयुक्त रूप से मिलना था. लेकिन श्री भूरिया केे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण यह बैठक नहीं हो सकी.

सूत्रों की माने तो बैठक का मुख्य उद्देश्य पार्टी के बर्खास्त विधायकों की पुर्नबहाली के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा करना था. माना जा रहा है कि सत्तापक्ष की ओर से 27 जुलाई को बुलाए गए विशेष सत्र के बाद ही पार्टी अपनी अगली रणनीति का खुलाशा करेगी. संभावना है कि श्री हरिप्रसाद उक्त दोनों नेताओं से 28 जुलाई को मिलेंगे.

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