नई दिल्ली, 22 मई. यूपीए सरकार दावे मितव्ययता के करती है, लेकिन सामने आ रहीं जानकारियां इसकी पोल खोल रही हैं. प्रजिडेंट प्रतिभा पाटिल की विदेश यात्राओं पर पहले से ही सवाल उठ रहे थे, अब लोकसभा की स्पीकर मीरा कुमार ने सरकार को मुश्किल में डाल दिया है. अपने 35 महीने के कार्यकाल में मीरा कुमार 29 बार विदेश जा चुकी हैं. इस तरह वह हर 37 दिन पर विदेश गईं.

एक आरटीआई के जवाब में मिली जानकारी के मुताबिक, मीरा कुमार के साथ विदेश यात्राओं पर जाने वाले में सांसद और लोकसभा सचिवालय के सीनियर ऑफिसर भी शामिल हैं. उनकी यात्राओं पर 10 करोड़ खर्च हुए हैं. मीरा कुमार 3 जून, 2009 को लोकसभा स्पीकर चुनी गई थीं. तब से इस साल 30 अप्रैल तक वह 146 दिन देश से बाहर रही हैं. खास बात यह है कि वह सबसे ज्यादा चार बार पॉप्युलर हॉलिडे डेस्टिनेशन स्विट्जरलैंड गईं. इस बारे में लोकसभा सचिवालय का कहना है कि स्पीकर ने स्विट्जरलैंड की सभी यात्राएं इंटर पार्लियामेंटरी (आईपीयू) यूनियन के काम के सिलसिले में कीं. आईपीयू के लिए मीरा कुमार स्विट्जरलैंड के अलावा 3 देशों के दौरे पर गईं. इसके अलावा भी वह कई देशों के दौरे पर गईं, लेकिन सबके बारे में लोकसभा सचिवालय का कहना है कि वह काम के सिलसिले में ही फॉरेन ट्रिप पर गईं. मीरा कुमार से जुड़ा यह पहला विवाद नहीं है.

इससे पहले एक आरटीआई के जरिए पता चला था कि शहरी विकास मंत्रालय ने 6, कृष्ण मेनन मार्ग के आवास का उन पर 2 करोड़ का बकाया बिल माफ कर दिया था. उन्होंने 1986 में अपने पिता बाबू जगजीवन राम के निधन के बाद से इस बंगले को खाली नहीं किया था. गौरतलब है कि नोटिस देने के बाद भी बंगला खाली नहीं करने पर बाजार दर से किराया देना होता है. मीरा कुमार अपने साथ संसदीय दल को इटली, ऑस्ट्रिया, मॉरीशस, भूटान, हंगरी, लक्जमबर्ग, मंगोलिया, मेक्सिको, वियतनाम, कोरिया, स्वीडन, डेनमार्क, जापान, ईरान, चिली, उरुग्वे और पाराग्वे ले गईं. इन यात्राओं पर 9.89 करोड़ रुपये खर्च हुए और इसके अलावा उन्होंने मेजबानों को 11.66 लाख के उपहार दिए. मीरा कुमार अपने कार्यकाल के दौरान भारत में भी खूब घूमीं. अलग-अलग शहरों की उनकी यात्राओं पर उन्होंने 10.53 करोड़ खर्च किए.

प्रेजिडेंट प्रतिभा पाटिल की विदेश यात्राओं को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं. आरटीआई रिपोर्ट्स के मुताबिक पाटिल विदेश यात्रा करने में अब तक की सबसे खर्चीली राष्ट्रपति साबित हुई हैं. उनकी विदेश यात्राओं पर 205 करोड़ खर्च हो चुके हैं, जो किसी भी राष्ट्रपति के कार्यकाल में सबसे अधिक है.

पाटिल अब तक ब्राजील, मेक्सिको, चिली, भूटान, वियतनाम, इंडोनेशिया, स्पेन, पोलैंड, रूस, तजाकिस्तान, ब्रिटेन, साइप्रस, चीन, लाओस, कंबोडिया, यूएई, सीरिया, साउथ कोरिया, स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रेलिया की कुल मिलाकर 79 दिन की यात्रा कर चुकी हैं. उनसे पहले प्रेजिडेंट रहे ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने अपने कार्यकाल में महज 7 विदेश यात्राएं की थीं, जिसमें वह 17 देशों में गए थे.

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