कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष एकजुट, टीडीपी ने भी एनडीए का साथ छोड़ा

  • बिल को सिलेक्ट कमेटी भेजने की मांग पर अड़ा विपक्ष
  • कार्यवाही गुरुवार सुबह तक के लिए स्थगित

नई दिल्ली,

बुधवार को ट्रिपल तलाक बिल को लेकर राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ. लोकसभा में बिल को पास कराने में सफल रही मोदी सरकार के लिए राज्यसभा में कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने रोड़ा खड़ा कर दिया. कांग्रेस समेत विपक्ष इस बिल को सिलेक्ट कमेटी में भेजने की मांग पर अड़े हुए हैं.

सरकार विपक्ष की इस मांग पर तैयार नहीं है. हंगामे की स्थिति को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही को गुरुवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया है. बुधवार को केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में तीन तलाक बिल पेश कर इस पर चर्चा की शुरुआत की. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि लोकसभा में बिल पास हो जाने के बावजूद देश में ट्रिपल तलाक के मामले सामने आ रहे हैं.

 

अरुण जेटली ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरे हाउस में आपने बिल का समर्थन किया था और इस हाउस में आप बिल को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हो. जेटली ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक घोषित कर इसे 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया था.

इस सस्पेंशन की अवधि 22 फरवरी को समाप्त हो रही है. जेटली ने कहा कि बिल को सिलेक्ट कमेटी में इसीलिए नहीं भेजा जा सकता क्योंकि देश को सदन से उम्मीद है कि वह जल्द इसपर कानून बना देगा.

ट्रिपल तलाक बिल पर बुधवार को हंगामे की वजह से राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. सरकार ने बिल को सिलेक्ट कमिटी में भेजने की विपक्ष की मांग को स्वीकार नहीं किया. हालांकि इस दौरान राजनीतिक रूप से केंद्र की बीजेपी सरकार को एक झटका जरूर लगा. एनडीए की सहयोगी टीडीपी ने भी ट्रिपल तलाक के मसले पर सरकार का साथ नहीं दिया.

 

हंगामे के बीच कांग्रेस के सांसद आनंद शर्मा ने बिल को सिलेक्ट कमेटी में भेजने का नोटिस पेश किया. उन्होंने सिलेक्ट कमेटी के सदस्यों के नाम का भी प्रस्ताव दिया. कांग्रेस के अलावा एसपी, सीपीआई, डीएमके, एनसीपी जैसी विपक्षी पार्टियां सदन में इस बिल को सिलेक्ट कमेटी भेजने की मांग पर अड़ी रहीं.

 

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर हमला बोला. गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सबसे पहले तो एक चीज स्पष्ट है कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष त्वरित तीन तलाक के खिलाफ है.

उन्होंने कहा कि इस बिल से मुस्लिम महिला को पूरी तरफ इंसाफ नहीं मिलता, हां इससे बीजेपी को राजनीतिक फायदा जरूर हो सकता है. कांग्रेस सांसद ने कहा कि बीजेपी सरकार ने जो कानून बनाया है उसमें पति 3 साल के लिए जेल जाएगा जबकि महिला को गुजारा खर्चा देने का जिम्मा भी पति का हैं और वह जेल में रहेगा.

 

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